शाहीन बाग: 200 युवाओं की फौज ने ऐसे संभाली सुरक्षा की जिम्मेदारी
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शाहीन बाग में तमंचा लेकर प्रवेश करने की घटनाओं में इजाफा होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने खुद ही सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर 200 युवाओं की फौज तैयार कर प्रदर्शन में हर आने-जाने वालों की पूरी तलाशी की जा रही है।
प्रदर्शन की ओर जाने वाले सभी दस रास्तों को रस्सी लगाकर बंद कर दिया गया है। उस रस्सी को बैरिकेड के रूप में इस्तेमाल कर वहां युवाओं की सात-सात टोली तैनात कर दी गई है।
वहीं महिलाओं की जांच के लिए शाहीन बाग की वरिष्ठ महिलाओं के साथ-साथ युवतियों का एक दल बनाया गया है। यह लोग सड़क के ही पास अस्थाई कमरा बना दिया है, जिसमें महिलाओं की जांच के बाद ही उन्हें प्रदर्शन में जाने की इजाजत दी जा रही है।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में गोली चलने की घटनाओं के बाद शाहीन बाग की युवा टोली ने सुरक्षा को तीन लेयर में बांटा है। पहला लेयर प्रदर्शनस्थल जाने वाले रास्ते को रस्सी के पास तैनात की गई है।
अगर कोई शख्स इन्हें चकमा देने में कामयाब होता है तो उसे कुछ ही दूरी पर जांच के लिए तैनात दूसरी टीम का सामना करना पड़ेगा। इन दोनों ही सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर प्रदर्शन तक पहुंचने वालों पर भी नजर रखने के लिए तीसरा लेयर तैनात है, जिसे हर हालात से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है।
इसके अलावा एक टीम ऐसी भी है, जो प्रदर्शन में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए हर वक्त पैदल भ्रमणशील है। अगर इस पूरी सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो यह दल पूरी तरह से पुलिस की तरह काम कर रहा है।
वहीं महिलाओं की जांच के लिए सड़क किनारे ही अस्थाई पर्दा लगाकर कमरा बना दिया गया है, जहां बगैर पूरी जांच के महिलाओं को भी प्रवेश करने की इजाजत नहीं है। सुरक्षा दस्ते के लोगों का कहना है कि किसी पर शक होने की स्थिति में उसका आई कार्ड भी जांचा जा रहा है।