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'आठ वर्षीय स्कूली बच्ची का यौन उत्पीड़न एक भयानक अपराध'
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 05 Apr 2017 11:33 AM IST
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delhi high court
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट ने आठ वर्षीय स्कूली बच्ची के यौन उत्पीडन को भयानक अपराध बताया है। अदालत ने कहा 27 वर्षीय आरोपी ने बच्ची का स्कूल में ही एक तरह से अपहरण किया और उसके द्वारा किए गए यौन हमले की बच्ची के मन पर स्थायी छाप रहेगी।
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ऐसे अपराध में लिप्त आरोपी किसी भी प्रकार की राहत पाने का हकदार नहीं है। अदालत ने उसे पांच वर्ष कैद की सजा संबंधी फैसले को उचित ठहराया है। वहीं एक अन्य मामले में स्कूली छात्रा से जबरन चुंबन करने के मामले को भी गंभीरता से लेते हुए आरोपी की सजा रद करने से इंकार कर दिया।
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न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने अपने फैसले में रोहिणी स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल के कर्मचारी सोफयान की सजा के खिलाफ अपील खारिज करते हुए कहा कि बच्चियों के साथ ऐसे अपराध किसी भयानक अपराध से कम नहीं है।
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बच्ची के मन पर अपराध की छाप रहेगी
file photo
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में भी बच्ची के मन पर अपराध की छाप रहेगी और स्थायी रूप से वह प्रभावित रहेगी। अदालत ने कहा कि आरोपी ने बच्ची से स्वीमिंग पुल के पास यौन हमला किया और बच्ची अगले दिन स्वीमिंग करने भी नहीं गई। उसके आत्मविश्वास में कमी आई।
अदालत ने आरोपी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है। अदालत ने कहा बच्ची ने घटना के तुंरत बाद घर जाकर अपनी मां को घटना के बारे में जानकारी दी और मां ने अगले दिन स्कूल के प्रधानाचार्य को शिकायत की।
अगले दिन आरोपी स्कूल नहीं आया और न ही न आने का कोई ठोस कारण बताया। इसके अलावा यह भी विश्वास योग्य नहीं है कि इतनी छोटी बच्ची बिना कारण उस पर इतना गंभीर आरोप लगाएगी।
अदालत ने आरोपी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है। अदालत ने कहा बच्ची ने घटना के तुंरत बाद घर जाकर अपनी मां को घटना के बारे में जानकारी दी और मां ने अगले दिन स्कूल के प्रधानाचार्य को शिकायत की।
अगले दिन आरोपी स्कूल नहीं आया और न ही न आने का कोई ठोस कारण बताया। इसके अलावा यह भी विश्वास योग्य नहीं है कि इतनी छोटी बच्ची बिना कारण उस पर इतना गंभीर आरोप लगाएगी।
बच्ची शॉवर लेने गई तभी आरोपी ने उसपर यौन हमला कर दिया था
हाइकोर्ट
- फोटो : SELF
पेश मामले के अनुसार 2 जुलाई 14 को स्वीमिंग करने के बाद बच्ची शॉवर लेने गई तभी आरोपी ने उसपर यौन हमला कर दिया था। निचली अदालत ने उसे पोक्सो व देड़छाड़ के आरोप में पांच वर्ष की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
दूसरा मामला ओखला थाना क्षेत्र का है। आरोपी राजेश ने स्वयं को छह माह की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने अपने फैसले में राजेश की अपील खारिज करते हुए कहा कि स्पष्ट है कि उसने 25 फरवरी 2012 को स्कूल से घर लौट रही 15 वर्षीय छात्रा को जबरन अपने घर में खींच लिया और उसका चुंबन लिया।
अदालत ने आरोपी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि वह जल्दबाजी में दुकान पर जाने के दौरान उससे टकरा गया था। अदालत ने कहा पेश साक्ष्यों से स्पष्ट है कि दोनों एक ही इलाके में रहते है और घटना से पूर्व उनके परिवार में कोई विवाद नहीं था। ऐसे में छात्रा क्यों अपनी बदनामी लेकर ऐसा आरोप लगाएगी। आरोपी ने मौके का फायदा उठाने का पूरा प्रयास किया और इस प्रकार के आरोप में वह सहानुभूति का हकदार नहीं है।
दूसरा मामला ओखला थाना क्षेत्र का है। आरोपी राजेश ने स्वयं को छह माह की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने अपने फैसले में राजेश की अपील खारिज करते हुए कहा कि स्पष्ट है कि उसने 25 फरवरी 2012 को स्कूल से घर लौट रही 15 वर्षीय छात्रा को जबरन अपने घर में खींच लिया और उसका चुंबन लिया।
अदालत ने आरोपी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि वह जल्दबाजी में दुकान पर जाने के दौरान उससे टकरा गया था। अदालत ने कहा पेश साक्ष्यों से स्पष्ट है कि दोनों एक ही इलाके में रहते है और घटना से पूर्व उनके परिवार में कोई विवाद नहीं था। ऐसे में छात्रा क्यों अपनी बदनामी लेकर ऐसा आरोप लगाएगी। आरोपी ने मौके का फायदा उठाने का पूरा प्रयास किया और इस प्रकार के आरोप में वह सहानुभूति का हकदार नहीं है।