फर्जी कॉल सेंटर और फर्जी चेक से लगाया करोड़ों का चूना, सात गिरफ्तार, सरगना फरार
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना पुलिस और साइबर सेल ने वैशाली सेक्टर- एक स्थित क्लाउड-9 शॉपिंग मॉल में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर चार युवतियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। बीमा पॉलिसी रिनुअल कराने के नाम पर उक्त गिरोह लगभग 5 करोड़ रुपए की ठगी कर चुका है। वहीं, गिरोह का सरगना अभिषेक वसुंधरा स्थित बैंक में फर्जी चेक के जरिए बैंक को 66 लाख का चूना लगा चुका है।
बैंक खाते में अभिषेक का पता फर्जी मिलने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी भारत निवासी भूर भारत नग, गौरव निवासी सेक्टर-12 विजय नगर, संजीव निवासी साउथ गणेश नगर मंडावली दिल्ली, ज्योति निवासी हर्ष विहार नंदनगरी, ममता निवासी मंडोली दिल्ली, पूजा निवासी शांति मोहल्ला वेलकम दिल्ली और भावना निवासी पूर्वी विनोद नगर दिल्ली हैं।
आरोपी बीमा धारकों का डाटा हासिल करके खुद को कंपनी का बताकर उन्हें फोन करते थे और बीमा अवधि खत्म होने का झांसा देकर रिन्यूअल कराने के नाम पर मोटी रकम ऐंठते थे। बीते दिनों गिरोह ने मेरठ के एक व्यक्ति से बीमा पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर 70 लाख की ठगी की थी। बीमा रिन्यूअल ना होने पर पीड़ित ने शिकायत की जिसके बाद पुलिस उक्त गिरोह तक पहुंची।
अभिषेक ने चेकों में 'आई' जोड़कर 66 लाख निकालें
एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि गिरोह के सरगना के तौर पर अभिषेक का नाम सामने आ रहा है। वसुंधरा सेक्टर-11 निवासी अभिषेक ने वसुंधरा सेक्टर-13 स्थित साउथ इंडियन बैंक की शाखा में पिछले साल दिसंबर माह में मैसर्स इटैलिक सर्विस के नाम से खाता खुलवाया था। उक्त खाते में 126 चेक लगाए गए, जिनमें से 113 चेक की धनराशि पास होकर खाते में पहुंच गई।
बैंक ने इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि चेक एक बीमा कंपनी के नाम पर थे, जिनमें 'आई' अक्षर जोड़कर अपनी कंपनी का नाम दीजिए दिया। रकम खाते में आते ही निकाल ली गयी। चेक में हेराफेरी करके बैंक को 66.68 लाख रुपये का चूना लगाया गया है। बैंक खाते में अभिषेक का पता फर्जी निकला।