{"_id":"6abb62bef91e5f13c40361e9","slug":"seelampur-temple-muslim-residents-join-hands-to-protect-100-year-old-mai-mata-temple-2026-09-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एकता और भाईचारे की मिसाल: 100 साल पुराने मंदिर को बचाने को दीवार बने मुस्लिम, 600 गज में फैला माई माता मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एकता और भाईचारे की मिसाल: 100 साल पुराने मंदिर को बचाने को दीवार बने मुस्लिम, 600 गज में फैला माई माता मंदिर
Tue, 29 Sep 2026 01:11 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 29 Sep 2026 01:11 PM IST
सार
सीलमपुर माई माता मंदिर: देश की राजधानी दिल्ली में एकता और भाईचारे के मिसाल देखने को मिली है। 100 साल पुराने मंदिर बचाने के लिए मुस्लिम समुदाय एकजुट हो गया है। चौहान बांगर में देर रात पेड़ काटने का स्थानीयों ने विरोध किया है। माई माता मंदिर 600 गज में फैला है।
विज्ञापन
Seelampur Temple
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
उत्तर-पूर्वी दिल्ली की सीलमपुर विधानसभा के चौहान बांगर स्थित गली नंबर तीन में आपसी सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। यहां करीब 100 साल पुराने और लगभग 600 गज के दायरे में फैले माई माता मंदिर के अस्तित्व को बचाने के लिए स्थानीय मुस्लिम आबादी एकजुटता से सामने आई है।
मिली जानकारी के अनुसार चौहान बांगर की गली नंबर तीन में बना माई माता मंदिर लगभग चार दशकों से खाली पड़ा हुआ है। मंदिर के चारों ओर मुस्लिम आबादी है और यहां वर्षों से दोनों समुदायों के लोग आपसी प्रेम व शांति के साथ रहते आए हैं।
रविवार देर रात करीब तीन बजे जब लोग सो रहे थे, तब कुछ लोग मंदिर परिसर में लगे पेड़ों को काटने लगे। लकड़ी कटने की आवाज सुनकर आसपास के निवासी तुरंत घरों से बाहर निकल आए और पेड़ काट रहे लोगों का विरोध शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मिली जानकारी के अनुसार चौहान बांगर की गली नंबर तीन में बना माई माता मंदिर लगभग चार दशकों से खाली पड़ा हुआ है। मंदिर के चारों ओर मुस्लिम आबादी है और यहां वर्षों से दोनों समुदायों के लोग आपसी प्रेम व शांति के साथ रहते आए हैं।
विज्ञापन
रविवार देर रात करीब तीन बजे जब लोग सो रहे थे, तब कुछ लोग मंदिर परिसर में लगे पेड़ों को काटने लगे। लकड़ी कटने की आवाज सुनकर आसपास के निवासी तुरंत घरों से बाहर निकल आए और पेड़ काट रहे लोगों का विरोध शुरू कर दिया।
विज्ञापन
घटना के दौरान स्थानीय निवासियों ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब पेड़ काट रहे लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने वन विभाग से अनुमति मिलने का दावा किया।
हालांकि जब पुलिस ने अनुमति पत्र की जांच की तो सामने आया कि उन्हें सिर्फ पेड़ों की छंटाई की अनुमति मिली थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए काम रुकवाया और वन विभाग को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए सूचित कर दिया।
आरोप है कि मंदिर की बेशकीमती जमीन को खाली कराकर वहां बहुमंजिला फ्लैट बनाने की है। क्षेत्रीय विधायक चौधरी जुबैर अहमद के अनुसार इलाके में हिंदू और मुस्लिम भाईचारे के साथ रहते आए हैं।