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'आम आदमी' की ये भयानक लापरवाही देख मुख्यमंत्री ने जोड़ लिए हाथ

Tue, 17 Nov 2020 07:31 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 17 Nov 2020 07:31 PM IST
सार

  • दिल्ली में कोरोना की स्थिति गंभीर होते ही दोबारा टॉप एक्टिव मोड में आई सरकार, कुछ क्षेत्रों में लॉकडाउन लगाने का निर्णय भी संभव
  • इस समय 1349 वेंटीलेटर्स वाले आईसीयू बेड्स, 2241 बिना वेंटीलेटर्स वाले बेड्स, 16851 सामान्य कोरोना बेड्स तैयार, 750 आईसीयू बेड्स देगा केंद्र

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Seeing this terrible negligence of citizens for coronavirus, delhi Chief Minister planning to impose lockdown
दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले - फोटो : iStock (File Photo)

विस्तार

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किसी भी सरकार का कोई बड़ा काम आम आदमी के सहयोग के बिना पूरा नहीं हो पाता। कोरोना के मामलों में दुबारा हो रही तेज वृद्धि को भी आम आदमी के असहयोग से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों की शिकायत है कि काफी लोग घरों से बाहर निकलते समय मास्क नहीं पहन रहे हैं और आपस में शारीरिक दूरी भी नहीं रख रहे हैं।

इसी लापरवाही का परिणाम है कि सरकार की पूरी कोशिशों के बाद भी कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से हाथ जोड़कर अपील की कि लोग इस लापरवाही से बाज आएं और मास्क अवश्य पहनें।

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इसके पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से डेंगू पर लगाम लगाने के लिए जनता से सहयोग मांगा था जो काफी कारगर साबित हुआ है। इस वर्ष सरकार ने दावा किया है कि डेंगू से राजधानी में किसी की मौत नहीं हुई है। केजरीवाल लोगों से इसी प्रकार का सहयोग कोरोना के मामले में भी चाहते हैं।

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अब कैसी रहेगी रणनीति

शुरुआत में दिल्ली ने काफी तेजी दिखाई थी और पूरे देश में कोरोना को सबसे कम स्तर पर रोकने में सफलता पाई थी। उसके संक्रमित इलाकों में छोटे-छोटे माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने की स्ट्रैटेजी को काफी कारगर माना गया था। लेकिन माना जा रहा है कि त्योहारों के दौरान बाजार में हुई भीड़भाड़ में लोगों ने लापरवाही बरती, नतीजतन अब कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं।

सरकार ने अब दोबारा उसी तरह की रणनीति बनाने का निर्णय किया है। यानी दिल्ली में जगह-जगह पर छोटे-छोटे कंटेनमेंट जोन बढ़ाने का निर्णय किया है। बाजारों और छोटी जगहों पर जरूरत पड़ने पर लॉकडाउन लगाने के लिए केंद्र से अनुमति भी मांगी है।

टेस्टिंग और होम आइसोलेशन का मंत्र जिताएगा जंग

दिल्ली स्वास्थ्य निदेशालय के एक अधिकारी के अनुसार कोरोना के मामलों से निबटने के लिए अभी भी पुरानी रणनीति को अपनाया जा रहा है। कोरोना टेस्टिंग की क्षमता को दोबारा बढ़ाने का निर्णय किया गया है। राजधानी में जल्दी ही रोज एक लाख कोरोना टेस्ट किए जाएंगे। कोरोना के मामले कम हो जाने के बाद टेस्टिंग की क्षमता कम कर दी गई थी।

दिल्ली सरकार ने केंद्र से 750 नए आईसीयू बेड्स की मांग की है। इसके अलावा दिल्ली में पहले से ही 1349 वेंटीलेटर्स वाले आईसीयू बेड्स और 2241 बिना वेंटीलेटर्स वाले बेड्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा 16851 सामान्य कोरोना बेड्स भी तैयार हैं।

कितनी क्षमता भरी

अस्पतालों में 16851 सामान्य बेड्स में 9265 भर चुके हैं, लेकिन 7586 बेड्स अभी भी रिक्त हैं। इसी प्रकार 1349 आईसीयू बेड्स में 1208 भर चुके हैं जबकि 141 अभी भी खाली हैं। वहीं, बिना वेंटीलेटर वाले 2241 बेड्स में 286 रिक्त हैं। नॉन कोविड आईसीयू बेड्स की संख्या भी 1487 है जिसमें 1122 भर चुके हैं और 365 रिक्त हैं।

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