खुफिया अलर्ट के बाद बढ़ाई गई सुनपेड़ गांव की सुरक्षा
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सुनपेड़ में बवाल के बाद माहौल शांत हो गया है लेकिन तनाव फिर से पैदा हो सकता है। खुफिया एजेंसी की तरफ से सरकार को अलर्ट जारी किया गया है। एहतियाती तौर पर गांव में सुरक्षा और ज्यादा चाक चौबंद कर दी गई है।
आरएएफ के जवानों के अलावा दूसरे जिलों की पुलिस गांव की हर गतिविधि पर निगरानी रखे हुए है। पीड़ित के घर पर चल रही सियासत को कैमरों में कैद किया जा रहा है। पिछले तीन दिनों में बाहरी तत्वों ने भड़काऊ भाषणों से गांव का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है।
ऐसे में खुफिया तंत्र हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग कर रहा है। 20 अक्तूबर को घटना के बाद गांव का माहौल बिगड़ गया था। इसके बाद चले सियासी दौर ने मामले को और ज्यादा तूल दे दिया।
दलितों ने हंगामा किया और हाईवे तक जाम कर डाला। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारी और ज्यादा भड़क गए थे। घटना के दिन से ही गांव में माहौल बिगाड़ने की कोशिशें की जा रही हैं।
कोई एक धर्म विशेष को समर्थन देने को उकसा रहा है तो कोई भड़काऊ भाषणों के जरिए माहौल बिगाड़ने में जुटा है। ऐसे में प्रशासन किसी तरह की लापरवाही या ढील बरतने के मूड में नहीं है।
हर घंटे की अपडेट ले रहे सीएम
आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) की तरफ से सरकार को अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद सुनपेड़ गांव की सुरक्षा में लगे जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है।
आरएएफ के जवान पीड़ित के घर सहित गांव में जगह जगह तैनात किए गए हैं। चप्पे चप्पे पर खाकी वर्दी पहने पुलिसवाले घूमते देखे जा सकते हैं। इसके अलावा छतों पर भी पुलिस की तैनाती की गई हे।
आईबी के अलावा सीआईडी की भी पूरे गांव में निगरानी रखे हुए है। मामले से जुड़ी हर गतिविधि की अपडेट चंड़ीगढ़ भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय सीधे पुलिस, प्रशासनिक और सीआईडी के अधिकारियों से संपर्क में है। हर घंटे की गतिविधियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी जा रही है।
सुनपेड़ मामले के बाद जातीय विवाद की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के गांवों में भी अलर्ट जारी कर दिया है। नजदीकी गांवों में पुलिस के जवान गश्त कर हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।