दो मिनट का वीडियो: क्या टिल्लू ताजपुरिया की हत्या में पुलिस का भी हाथ! CCTV फुटेज इस ओर कर रहा साफ-साफ इशारा
Tillu Tajpuriya CCTV Video: दो मिनट से ज्यादा के सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहा है कि चार लोग जिसमें दो पुलिस की वर्दी में हैं वो घायल टिल्लू को चादर पर डालकर उसे घसीटे हुए बैरक से बाहर लाते हैं। दूसरी तरह से लाल रंग की पैंट पहने दीपक उर्फ तीतर दूसरे बैरक से बाहर निकलता है खून से लथपथ टिल्लू पर फिर से सूए से हमला करता है।
विस्तार
देश की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली जेल तिहाड़ में जिस तरह से एक के बाद एक हत्याएं और अपराधियों को सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं उससे तो यह कहना बिल्कुल सही नहीं होगा कि तिहाड़ कही से भी सुरक्षित है। खासतौर पर गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के दो सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद से तिहाड़ की सुरक्षा पर बड़ा दाग लगा है। टिल्लू की हत्या ने तिहाड़ जेल की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े किए हैं। गिरोह में रंजिश के बावजूद उन्हें एक ही जेल में रखना, सीसीटीवी कैमरों के बीच कैदियों का सरिये से सुए तैयार कर लेना और फिर बिल्कुल बेखौफ होकर हाई सिक्योरिटी सेल में टिल्लू की हत्या तिहाड़ प्रशासन पर लापरवाही बरते जाने की पोल खोलती है।
टिल्लू की हत्या में शामिल रहे ये चार बदमाश
-योगेश उर्फ टुंडा (27) निवासी भट्ट गांव, सोनीपत
-दीपक उर्फ तितर (27) निवासी माजरा, डबास गांव
-रियाज खान (39) निवासी जेजे कैंप, समयपुर बादली
-राजेश उर्फ करमवीर (42) निवासी कंझावला रोड, बवाना
दूसरे सीसीटीवी फुटेज में खंभे की तरह खड़ी दिख रही पुलिस
दो मिनट से ज्यादा के सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहा है कि चार लोग जिसमें दो पुलिस की वर्दी में हैं वो घायल टिल्लू को चादर पर डालकर उसे घसीटे हुए बैरक से बाहर लाते हैं। दूसरी तरह से लाल रंग की पैंट पहने दीपक उर्फ तीतर दूसरे बैरक से बाहर निकलता है खून से लथपथ टिल्लू पर फिर से सूए से हमला करता है। इस बीच वहां मौजूद कोई भी पुलिसकर्मी उसे रोकने की हिम्मत नहीं करता है। जब सूआ घोंपकर उसका जी भर जाता है तो वह टिल्लू के मुंह पर एक लात मारता है।
प्रिंस तेवतिया की हत्या के बाद भी सबक नहीं
तिहाड़ में लॉरेंस बिश्नोई के साथी प्रिंस तेवतिया की हत्या के बाद भी जेल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। बीते मंगलवार को जेल में टिल्लू की हत्या इस बात की पुष्टि कर रही है। इन हत्याओं से यह बात जाहिर होती है कि जेल कर्मियों का कैदियों पर कोई अंकुश नहीं है। कैदी आसानी से वारदात कर रहे हैं। प्रिंस के मामले में भी देखा गया कि जिन हमलावरों ने उस पर हमला किया था, वे भी विरोधी गिरोह के बदमाश थे और एक ही जेल में बंद थे।
वीडियो कॉफ्रेंसिंग से हो रही थी पेशी
सूत्रों का कहना है कि रोहिणी कोर्ट में जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद बाद ही टिल्लू पर हमले व जान को खतरा होने के इनपुट मिलने लगे थे। टिल्लू रोहिणी जेल में था। रोहिणी जेल में गोगी गिरोह के बदमाशों की संख्या 40 से ज्यादा हो गई थी। ऐसे में तिहाड़ प्रशासन को लगा कि रोहिणी जेल में टिल्लू की जान को खतरा है। इसे देखते हुए टिल्लू को कुछ दिन पहले ही तिहाड़ लाया गया था। टिल्लू पर हमले को देखते हुए उसे पिछले वर्ष से ही कोर्ट में पेश नहीं किया जा रहा था। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए उसकी कोर्ट में पेशी कराई जा रही थी। हालांकि, मेडिकल जांच के लिए गुप्त तरीके से अस्पताल ले जाया जाता था। अब तिहाड़ प्रशासन लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान करने में जुटी है।
#WATCH | Delhi | A second CCTV video emerges from Tihar Jail's Central Gallery wherein a few people can be seen bringing gangster Tillu Tajpuriya's body out. The visuals later show two other people stabbing the body and hitting it in the presence of Police personnel. pic.twitter.com/FyE09M95C7
— ANI (@ANI) May 5, 2023