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व्यापारियों को बड़ी राहत: छह साल से बंद पड़ी 392 दुकानों से हटेगी सील, सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक कमेटी का फैसला

Thu, 21 Dec 2023 06:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 21 Dec 2023 06:46 AM IST
सार

नियमों के उल्लंघन पर शीर्ष अदालत की मॉनिटरिंग कमेटी ने वर्ष 2017-18 में दुकानें सील की थीं।

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Seal will be removed from 392 shops which have been closed for six years
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक कमेटी ने व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली के प्रमुख बाजारों में लोकल शॉपिंग कॉम्पलेक्स की दुकानों को डी-सील करने का आदेश दिया है। नियमों के उल्लंघन पर शीर्ष अदालत की मॉनिटरिंग कमेटी ने वर्ष 2017-18 में दुकानें सील की थीं। न्यायिक समिति ने करीब 392 दुकानें डी-सील करने का निर्णय किया है।

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मेयर डॉ. शैली ओबरॉय, डिप्टी मेयर आले मो. इकबाल और नेता सदन मुकेश गोयल ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। शैली ने कहा, व्यापारियों को डी-सील प्रक्रिया के लिए संबंधित विभाग में आवेदन करना होगा और अतिरिक्त एफएआर चार्ज देना होगा। जिन दुकानों के बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, उनके लिए भी अतिरिक्त एफएआर चुकाना होगा। जिन बेसमेंट को स्टोरेज या गोदाम के रूप में प्रयोग किया जा रहा होगा, इसके लिए अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। मेयर ने कहा, डी-सीलिंग के मुद्दे पर चर्चा के लिए जल्द सदन की विशेष बैठक भी बुलाएंगे। 
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जल्द शुरू होगी प्रक्रिया : गोयल
नेता सदन मुकेश गोयल ने कहा कि डिफेंस कॉलोनी, राजेन्द्र नगर, न्यू राजेन्द्र नगर, जीके एन ब्लॉक मार्केट, ग्रीन पार्क, हौजखास, साउथ एक्स-1 मार्केट की दुकानों को डी-सील किया जाएगा। प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। व्यापारी कानूनी रूप से अतिरिक्त चार्ज देकर अपनी दुकानें डी-सील करा सकते हैं।
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भाजपा बोली-एफएआर शुल्क की मूल राशि ही वसूली जाए : निगम में नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह ने कहा, व्यापारी सीलिंग और कोरोना की दोहरी मार झेल रहे हैं। इसलिए एफएआर की फीस पर जुर्माना न वसूला जाए। मूल राशि ही वसूली जाए।

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