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काबिलियत के बाद भी नहीं मिला दाखिला
पूजा शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 19 Mar 2015 12:08 PM IST
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फरीदाबाद के निजी स्कूलों में बच्चों ने दाखिला परीक्षा दी, पास हुए और लिस्ट में नाम भी आ गया। उसके बावजूद स्कूलों का कहना है-सीट नहीं है। सभी स्कूल आनाकानी कर रहे हैं।
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स्कूल दाखिले से बचने के लिए कभी सीट न होने की बात कहते हैं तो हरियाणा शिक्षा बोर्ड से लिस्ट न आने की बात कहकर अभिभावकों को टरका रहे हैं। प्रतिभाशाली गरीब बच्चों की सीटों पर किसी और को एडमिशन दे दिया गया है। दरअसल, निजी स्कूलों को गरीबों की प्रतिभा पर शक है। इसलिए तो उन्होंने टेस्ट की मांग की थी। 30 अगस्त 2014 को डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा की ओर से गरीब मेधावी बच्चों का लर्निंग लेवल असेसमेंट टेस्ट लिया गया। टेस्ट पास करने वाले छात्रों को जिले के नामी निजी स्कूलों में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क शिक्षा देने की योजना थी।
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इसमें बीपीएल कार्डधारकों के 89 बच्चों ने टेस्ट दिया। विभाग की वेबसाइट पर इसका परिणाम अपलोड हुए करीब एक महीना हो चुका है। लेकिन पास करने वाले 31 बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा। हालात यह है कि पास बच्चों के अभिभावक इन स्कूलों में परीक्षा परिणाम की लिस्ट साथ लेकर ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन उनके बच्चों को दाखिला नहीं मिल पा रहा है। जबकि लिस्ट में विभाग ने यह भी लिखा है कि किसका दाखिला किस स्कूल में होगा।
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केस-1
-एनआईटी, कृष्णा नगर निवासी शराफत अली के दो बच्चों अनस अली का छठीं और सदफ जहां का चौथी में दाखिला होना है। दोनों ने लर्निंग लेवल असेसमेंट टेस्ट पास किया है। इनका दाखिला सरकारी निर्देश के मुताबिक सेक्टर-49 स्थित एक निजी स्कूल में होना है। लिस्ट लेकर वह स्कूल के क्लर्क से लेकर प्रिंसिपल तक से मिल चुके हैं, लेकिन स्कूल दाखिला देने में टाल-मटोल कर रहा है। कभी कहते हैं सीट नहीं हैं, तो कभी इस योजना के बारे में जानकारी से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग और निजी स्कूल मिलकर गरीबों का मजाक उड़ा रहे हैं।
केस-2
-एसी नगर निवासी श्याम बहादुर की बेटी निहारिका का भी केस ऐसा ही है। निहारिका तीसरी कक्षा के लिए असेसमेंट टेस्ट पास कर चुकी है। लेकिन दाखिला नहीं मिला। इनका दाखिला एनआईटी एक स्थित निजी स्कूल में तय हुआ है। यह स्कूल आनाकानी कर रहा है।
-सरकारी जमीन सस्ते में लेकर निजी स्कूल चलाने वालों को शिक्षा नियमावली के आधार पर गरीब बच्चों को दाखिला देना चाहिए। यह टेस्ट शैक्षणिक सत्र 2013-2014 में दाखिले के लिए हुआ था। जबकि परीक्षा अगस्त 2014 में ली गई, परिणाम अब घोषित हुआ है। कायदे से इस टेस्ट को अगले शैक्षिक सत्र के लिए लागू किया जाना चाहिए। हरियाणा अभिभावक एकता मंच उच्च न्यायालय में सरकार के खिलाफ अवमानना का केस डालेगा।
-कैलाश शर्मा, महासचिव, अभिभावक एकता मंच
‘टेस्ट पास करने वाले सभी छात्रों का दाखिला 2015 के सत्र में ही होगा। जो निजी स्कूल इस नियम का पालन नहीं कर रहें उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इनके खिलाफ अभिभावक मुझे लिखित में शिकायत दें।’
-राजीव अरोड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी