दिल के दु्र्लभ आनुवांशिक रोग से पीड़ित की बचाई जान
फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों ने दिल की दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित युवक की ओपन हार्ट सर्जरी कर उसका जीवन बचा लिया।
डॉक्टरों के मुताबिक युवक ‘हाइपरट्रॉफिक ऑब्सट्रक्टिव कार्डियो मायोपैथी’ से पीड़ित था। इसमें दिल की मांसपेशियां बढ़ने के कारण दिल का आकार बदल जाता है।
अस्पताल के कंसल्टेंट कार्डियक थोरेसिक एंड वास्कुलर सर्जरी के कंसल्टेंट डॉ. वैभव मिश्र ने बताया कि नोएडा निवासी 25 वर्षीय राहुल (बदला हुआ नाम) करीब तीन साल से सांस रुकने और मामूली श्रम से दिल की धड़कन बढ़ जाने की समस्या से पीड़ित थे।
दिल का बदल गया था आकार
जांच में उनके आनुवांशिक बीमारी का पता चला, जिसमें मांसपेशियों का आकार बढ़ने से दिल का आकार बदल गया था। ऐसे में रक्त का प्रवाह बाधित हो रहा था।
उन्होंने बताया कि इस रोग के अलावा उनके दिल का मिट्रल वॉल्व भी खराब था। करीब डेढ़ माह पहले उनकी सर्जरी की गई। पांच घंटे की सर्जरी में बढ़ी मांसपेशियों का हिस्सा निकाल दिया गया और मिट्रल वॉल्व की जगह कृत्रिम वॉल्व लगा दिया गया।
उन्होंने बताया कि करीब एक हजार दिल के रोगियों में से औसतन दो इस बीमारी से पीड़ित पाए जाते हैं। दुनिया भर में युवा खिलाड़ी में अचानक हार्ट अटैक के लिए 50 फीसदी यही रोग जिम्मेदार है।