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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Sarai Kale Khan will become the confluence of three expressways, increasing traffic pressure, and discussions on a new bridge over the Yamuna.

Delhi NCR News: सराय काले खां बनेगा तीन एक्सप्रेसवे का संगम, बढ़ेगा ट्रैफिक दबाव, यमुना पर नए पुल पर मंथन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Mar 2026 09:10 PM IST
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-राजधानी के सरायकाले खां के पास दिल्ली-मेरठ-देहरादून और मुंबई एक्सप्रेस का होता है मिलन
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-नमो भारत कॉरिडाेर के शुरू होने और एक्सप्रेसवे से आने वाले ट्रैफिक से बढ़ेगा वाहनों का दबाव

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
राजधानी के सराय काले खां क्षेत्र आने वाले समय में देश के तीन बड़े एक्सप्रेसवे का संगम बिंदु बनने जा रहा है। मार्गों के पूरी तरह शुरू होने के बाद इस कॉरिडोर पर वाहनों का दबाव कई गुना तक बढ़ेगा। हालात को देखते हुए यमुना नदी पर एक नए पुल के निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) स्तर पर मंथन चल रहा है। सरायकाले खां के आसपास दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पहले से जुड़े हैं। इसके अलावा दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का डीएनडी-सोहना लिंक भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इन तीनों हाई-स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने से एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की ओर से आने-जाने वाले वाहनों की बड़ी संख्या इसी क्षेत्र से होकर गुजरेगी। वहीं दूसरी ओर नमो भारत का सरायकाले खां स्टेशन शुरू हो चुका है।

सरायं काले खां पहले ही रिंग रोड पर स्थित एक अहम जंक्शन है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर (आरआरटीएस) के चालू होने के बाद यह क्षेत्र मल्टी-मोडल ट्रांजिट हब बन चुका है। यहां पर सड़क, एक्सप्रेसवे, बस टर्मिनल और तेज रफ्तार रेल नेटवर्क एक साथ हैं। ऐसे में आने वाले समय में यातायात का दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा ढांचा भविष्य के इस दबाव को पूरी तरह संभालने में सक्षम नहीं है। सरायकाले खां से निकलने वाला ट्रैफिक सीधे रिंग रोड और आउटर रिंग रोड पर फैलता है। पीक आवर्स में इन दोनों मार्गों पर पहले से ही जाम की समस्या बनी रहती है। एक्सप्रेसवे से आने वाला अतिरिक्त ट्रैफिक आईटीओ, प्रगति मैदान और आगे लुटियंस दिल्ली तक असर डाल सकता है। इससे न केवल यात्रा समय बढ़ेगा, बल्कि प्रदूषण और ईंधन खपत में भी बढ़ेगी। इसे देखते हुए यमुना पर एक नए पुल की संभावना पर विचार किया जा रहा है। संभावित स्थानों में पुराने यमुना ब्रिज के आसपास या उसके समानांतर नया ढांचा तैयार करना वहीं सिग्नेचर ब्रिज के पास भी पुल विकसित किया जा सकता है। पीडब्ल्यूडी वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक यमुना के पूरे खंड का अध्ययन कर रहा है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि नया पुल किस स्थान पर अधिक प्रभावी साबित होगा।
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ट्रैफिक संतुलित तरीके से बांटना है मकसद

अधिकारियों ने कहा कि मकसद सिर्फ एक और पुल बनाना नहीं है, बल्कि ट्रैफिक को संतुलित तरीके से बांटना है। अगर एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के लिए यमुना पार करने के पर्याप्त रास्ते नहीं होंगे, तो उनका दबाव रिंग रोड और शहर की अंदरूनी सड़कों पर बढ़ जाएगा। इससे जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। नया पुल बनने से ट्रांस-यमुना और केंद्रीय दिल्ली के बीच वाहनों की आवाजाही आसान हो सकती है। इससे ट्रैफिक अलग-अलग मार्गों में बंटेगा और एक ही सड़क पर भीड़ कम होगी। हालांकि योजना अभी शुरुआती चरण में है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है, लेकिन बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इसे भविष्य की जरूरत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में दिल्ली की सड़कों पर कितना दबाव होगा, यह काफी हद तक ऐसे फैसलों पर निर्भर करेगा।
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