{"_id":"65f8a126f1a667ce0009b4e5","slug":"sanjay-singh-gets-permission-to-take-oath-as-rajya-sabha-mp-2024-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sanjay Singh: जेल में बंद 'आप' नेता संजय सिंह आज लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, कोर्ट से मिली अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sanjay Singh: जेल में बंद 'आप' नेता संजय सिंह आज लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, कोर्ट से मिली अनुमति
Tue, 19 Mar 2024 01:46 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 19 Mar 2024 01:46 AM IST
सार
दिल्ली शराब नीति से जुड़े मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी (आप) नेता संजय सिंह को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए मंगलवार को संसद में पेश होने की अनुमति दी है।
विज्ञापन
संजय सिंह
- फोटो : वीडियो ग्रैब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अदालत ने दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी (आप) नेता संजय सिंह को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए 19 मार्च को संसद में पेश होने की अनुमति दी है। सिंह को हाल ही में दूसरे कार्यकाल के लिए राज्यसभा के लिए चुना गया था, लेकिन उन्होंने शपथ नहीं दिलवाई गई थी।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने 16 मार्च के आदेश में तिहाड़ जेल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि आरोपी को पर्याप्त सुरक्षा के तहत संसद ले जाया जाए और उसे अपने फोन का उपयोग करने या अन्य आरोपी व्यक्तियों से बात करने की अनुमति न दी जाए। अदालत ने इस अवसर पर उनके वकील व परिवार के सदस्यों से मिलने की इजाजत प्रदान कर दी।
विज्ञापन
सिंह को चार अक्टूबर, 2023 को उनके नॉर्थ एवेन्यू स्थित घर पर 10 घंटे की तलाशी के बाद गिरफ्तार किया गया था। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया और पार्टी के संचार प्रभारी विजय नायर के बाद वह इस मामले में गिरफ्तार होने वाले तीसरे आप नेता हैं।
विज्ञापन
ईडी ने आरोप लगाया कि एक आरोपी व्यवसायी दिनेश अरोड़ा, जो बाद में उत्पाद शुल्क मामले में सरकारी गवाह बन गया ने सिंह को दो करोड़ रुपये नकद दिए थे। यह भी आरोप लगाया गया कि सिंह ने कुछ व्यवसायियों को फायदा पहुंचाने के लिए सिसौदिया के माध्यम से शराब नीति में बदलाव सुनिश्चित किया था।