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रेयान स्कूल में मासूम देवांश की मौत पर पुलिस जांच से संतुष्ट हाईकोर्ट

Sat, 19 Mar 2016 09:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 19 Mar 2016 09:05 AM IST
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Ryan in school satisfied with the police investigation on the death of innocent Dewansh High Court
स्कूल हुई थी रेयान की मौत

हाईकोर्ट ने वसंत कुंज स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल की पानी की टंकी में गिरकर छह वर्षीय देवांश की मौत मामले की जांच सीबीआई को सौंपने से इंकार कर दिया। अदालत ने पुलिस की जांच पर संतुष्टि जताते हुए कहा जांच ठीक दिशा में चल रही है।

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वहीं, पुलिस ने अदालत के समक्ष जांच रिपोर्ट के अलावा कुछ गोपनीय दस्तावेज भी पेश किए। अदालत के रवैये को देख मृतक बच्चे के पिता ने याचिका वापस ले ली। याची देवांश के पिता रामहेत मीणा ने पुलिस पर स्कूल प्रबंधन से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करवाने का आग्रह किया है।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल के समक्ष पेश दक्षिणी दिल्ली जिला उपायुक्त प्रेमनाथ ने विस्तृत जांच रिपोट़ पेश करते हुए बताया कि यह आरोप गलत है पुलिस ठीक ढंग से मामले की जांच नहीं कर रही।
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उन्होंने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में स्कूल प्रधानाचार्य संध्या साबी, क्लास टीचर मीनाक्षी कपूर, स्कूल रखरखाव प्रभारी पूर्ण सिंह बिष्ट, गार्डनर राम नारायण व पंप ऑपरेटर योगेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

कोर्ट ने पुलिस की जांच से संतुष्ट

Ryan in school satisfied with the police investigation on the death of innocent Dewansh High Court
कोर्ट - फोटो : demo

उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक स्कूल में 277 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। सजिनमें से 44 छात्र, 93 टीचर, 81 अन्य स्टाफ, ड्राईवर व अन्य स्टाफ शामिल है। जांच में स्कूल की कई स्तर पर लापरवाही सामने आई है।

पंप स्टेशन स्कूल के ग्रांउड की तरफ है और जिस वाटर पंप में बच्चा गिरा उस पर ताला नहीं लगाया गया था जबकि छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी था। पंप रूम में अंधेरा रहता है और रोश्नी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूल प्रशासन व टीचरों की जिम्मेदारी है कि वह ध्यान रखे के बच्चे पूरा समय क्लास में है या नहीं।

उन्होंने कहा कि इस घटना के तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और हर तरीके से जांच की है और कुछ रिपोर्ट अभी लैब से आनी है। उन्होंने याची के उस तर्क को गलत बताया कि दो बच्चों ने उनके बेटे को धक्का देकर वाटर टैंक में गिराया था।

उन्होंने कहा कि याची ने जिन बच्चों पर संदेह जताया है उनमें से एक तो घटना वाले दिन स्कूल ही नहीं आया था। उन्होंने विस्तृत जांच में स्पष्ट है यह हत्या का मामला नहीं है। पुलिस ने लापरवाही पूर्ण मौत मामले में मुकदमा दर्ज किया है और जरांच जारी है। ऐसे में कोई भी आदेश न दिया जाए।

अदालत ने उनके तर्कों को स्वीकार करते हुए कहा कि वे महसूस करते है कि पुलिस ठीक दिशा में जांच कर रही है और जांच में कोई खामी नहीं है। ऐसे में मामले की सीबीआई जांच की कोई जरूरत नहीं है। अदालत ने याची को कहा कि यदि वे जांच पूरी होने के बाद भी संतुष्ट न हो तो पुन: अदालत आ सकते है। अदालत के रवैये को देख याची के अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने याचिका वापस ले ली।

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