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सड़क हादसाः मातम में बदली जन्मदिन की खुशी

Fri, 19 Sep 2014 07:34 AM IST
Updated Fri, 19 Sep 2014 07:34 AM IST
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Road accident, birthday boy death.

दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में बुधवार शाम जन्मदिन की खुशी में एक ही बाइक पर तीन दोस्तों के साथ सैर करने के लिए निकले युवक की बाइक डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। इनमें से एक  की हालत गंभीर बनी हुई है।

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बताया जा रहा है कि बिना हेलमेट पहने युवक ने पुलिस का तलाशी अभियान देखकर बाइक की रफ्तार बढ़ा दी थी। पुलिस के अनुसार, संजय (18) ब्लॉक-9 त्रिलोकपुरी में रहता था और 11वीं में पढ़ने के साथ-साथ छोटा मोटा काम भी करता था। बुधवार को संजय का जन्मदिन था। शाम को उसने अपने एक रिश्तेदार से पल्सर बाइक मांगी और तीन दोस्तों मारूफ (20), विकास उर्फ आशू (18) और मनीष पाल (17) को बुलाया।
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तीनों को बाइक पर बैठाकर संजय कोंडली होते हुए डीएनडी की सैर करने के लिए निकला। किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था। कुछ दूर जाने के बाद संजय ने पुलिसकर्मियों को वाहन की तलाशी लेते हुए देखा।
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पकड़े जाने के डर से उसने बाइक की रफ्तार बढ़ाकर वहां से भागने की कोशिश की। इसी दौरान संतुलन बिगड़ गया और बाइक डिवाइडर से टकराते हुए बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे में चारों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए।

एक की हालत गंभीर, एम्स में चल रहा है इलाज

Road accident, birthday boy death.
पुलिस ने चारों को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने संजय को मृत घोषित कर दिया। वहीं मारूफ और विकास को जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान मारूफ की भी मौत हो गई।

विकास की गंभीर हालत देखते हुए उसके परिजन एम्स ले गए हैं। वहीं, मनीष को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। उसके हाथ में फ्रैक्चर है। कल्याणपुरी थाना पुलिस ने संजय और मारूफ के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच कर रही है।

डॉक्टर बनना चाहता था मारूफ
मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला मारूफ गाजियाबाद स्थित संतोष मेडिकल कॉलेज में बीएमएलटी का कोर्स कर रहा था। वह दूसरे वर्ष का छात्र था। मारूफ के साथ उसकी बहन आसमीन और तीन भाई शम्शुद्दीन, जाऊल और फारूख रहते हैं। बाकी परिजन हजारीबाग में रहते हैं। मारूफ के भाइयों ने बताया कि डॉक्टर बनने के बाद मारूफ माता-पिता का इलाज करने की बात कहता था।

अस्पताल पर लापरवाही बरतने का आरोप
युवकों के परिजनों ने लालबहादुर शास्त्री और जीटीबी अस्पताल पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। मारूफ के भाइयों ने बताया कि हालत गंभीर होने से लालबहादुर शास्त्री अस्पताल के डॉक्टरों ने मारूफ और विकास को जीटीबी रेफर कर दिया।

दोनों को जिस एंबुलेंस से ले जाया गया, उसमें ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। वहीं जीटीबी अस्पताल में उन्हें बेड पर ले जाने के लिए स्ट्रेचर की तलाश करने में समय निकल गया। आरोप लगाया कि सीटी स्कैन के लिए उनसे रुपये मांगे गए। यही नहीं, बेड पर जब ऑक्सीजन लगाया गया तो सिलेंडर खाली था और उसे बदलने वाला कोई नहीं था।
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