वृद्धा की मौत मामले में नया खुलासा, खाना नहीं मिलने से हुई थी मौत
कालकाजी इलाके में वृद्धा की मौत मामले में नया खुलासा हुआ है। वृद्धा की मौत भूख से हुई। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग दंपति ने कई दिनों से खाना नहीं खाया था।
बीमार होने से वृद्धा पिछले कई महीने से बेड पर ही लेटी थीं।
इससे पहले घर में वृद्धा ही खिचड़ी या दलिया बनाती थी। तबीयत खराब होने से कुछ समय से घर में खाना नहीं बन रहा था। बुजुर्ग कभी-कभार गुरुद्वारे से खाना लाते थे। बुजुर्ग की हालत भी ठीक नहीं है और उन्हें सफदरजंग स्थित प्राइवेट अस्पताल सुखमणि में भर्ती कराया गया है। वे बीमारी की वजह से बोल नहीं पा रहे हैं।
कालकाजी थाने से जांच में जुटे पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि वृद्धा की मौत खाना नहीं मिलने व बीमारी से हुई है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोविंदाराम (85) पत्नी गोपी (80) के साथ जे-1/110 डीडीए फ्लैट्स कालकाजी में
रहते हैं।
उनकी कोई संतान नहीं हैं। दोनों बुजुर्ग दंपति दिल्ली पुलिस की सीनियर सिटीजन स्कीम के तहत रजिस्टर्ड थे। हालांकि, डीडीए फ्लैट्स, कालकाजी में तैनात बीट स्टाफ उनके यहां लगातार जाता रहता और राशन भी दिलवाता था।
तबीयत खराब होने से तीन महीने से बेड पर ही लेटी थीं वृद्धा
पुलिसकर्मी वृद्धा को डॉक्टर के पास ले जाने की बात कहते थे, मगर बुजुर्ग तैयार नहीं हुए थे। दंपति को सीनियर सिटीजन स्कीम के तहत पेंशन मिलती थी। वृद्धा की कुछ दिन पहले पति मौत हो गई थी और पति कई दिनों से वृद्धा के शव के साथ रह रहे थे।
पड़ोस में रहने वाले वकील प्रमोद कुमार ने 10 अक्तूबर को सुबह साढ़े छह बजे बुजुर्ग दंपति के घर से बदबू आने पर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पति गोविंदाराम कुर्सी पर बैठे थे और वृद्धा गोपी का शव बेड पर पड़ा हुआ था।
उनके शरीर से खून फर्श पर बह रहा था। पूरी शरीर में कीड़े पड़ गए थे। कालकाजी थाने के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घर में बहुत ज्यादा बदबू फैली हुई थी। घर में मौजूद बदबू 12 अक्तूबर शाम तक खत्म नहीं हुई थी।
पुलिसकर्मियों का कहना है कि बुजुर्ग कहते थे कि कोई उनकी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लेगा। कोई भी रिश्तेदार उनके घर नहीं आता था। डॉक्टरों ने मौत के कारणों का पता करने के लिए वृद्धा के विसरा को सुरक्षित रखवा दिया है।