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पेट्रोल-डीजल की बढ़ रही कीमतों पर बिफरी आप, आरडब्ल्यूए सहित सामाजिक संगठनों ने की वैट घटाने की मांग

Sun, 14 Oct 2018 05:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 14 Oct 2018 05:49 AM IST
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resident welfare association-social organisation demand reduction of VAT from petrol-diesel in Delhi
आप नेता दिलीप पांडेय

आम आदमी पार्टी (आप) ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी के मामले में केंद्र पर हमला बोला है। पार्टी ने केंद्र सरकार की ओर से कीमत में की गई मामूली कटौती को दिखावा बताकर आरोप लगाया कि है कि पांच राज्यों के चुनावों को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। पार्टी ने चुनौती दी है कि आगामी लोकसभा चुनावों में जनता इसका सबक भाजपा को सिखाएगी।

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उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट के आप प्रभारी दिलीप पांडेय ने बताया कि मामूली कटौती के बाद से लगातार पेट्रोल व डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। नौ दिनों में दिल्ली में डीजल 2.24 रुपये व पेट्रोल 1.16 रुपये महंगा हो गया। अगले एक-दो दिन में कीमतों में कटौती से मिली राहत के पार कर जाएगी। प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री समेत भाजपा के नेता कहेंगे कि उन्होंने पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती कर दी थी।
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लेकिन अब कीमत उनके हाथ में नहीं है। पांडेय ने आरोप लगाया कि केंद्र लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रही है। कटौती के बाद दोबारा दाम बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर भाजपा अपना खजाना भर रही है। इसका इस्तेमाल वह चुनावों के दौरान करेगी। दिलीप पांडेय ने चेतावनी दी कि आगामी लोकसभा चुनाव में आम लोग इसका जवाब देंगे।      

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मुख्यमंत्री से पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की गुहार

दिल्ली के कई आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री से पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगने वाले वैट को घटाने की मांग की है। उनका कहना है कि तेल की कीमतों में रोज हो रहे इजाफे से लोग परेशान हैं।

दिल्ली रेजिडेंटस फोरम के संयोजक वीके अरोड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 4 अक्तूबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतें ढाई रुपए घटाई थी। इसके अलावा उत्तर-प्रदेश और हरियाणा की सरकारें भी वैट कम कर अपने राज्य के लोगों को राहत दे चुकी हैं। इसलिए दिल्ली सरकार को भी पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैल्यू ऐडेड टैक्स (वैट) को घटाकर राहत देनी चाहिए। 

महिला प्रगतिशील एसोसिएशन की सचिव ऋतु भाटिया ने कहा कि फेस्टिव सीजन में दिल्ली में सार्वजनिक संसाधनों की कमी के चलते लोग निजी वाहन का प्रयोग करने के लिए मजबूर हैं, जिससे उनकी जेब ढीली हो रही है। वहीं, आनंद विहार निवासी मनीष चावला का कहना है कि हरियाणा और उत्तर-प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें दो और तीन रुपए कम होने के कारण लोगों को बॉर्डर पर जाकर पेट्रोल खरीदना पड़ रहा है। ईस्ट दिल्ली आरडब्ल्यूए फेडरेशन के अध्यक्ष वीएन बाली ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों से वैट घटाकर ही दिल्ली सरकार लोगों को राहत प्रदान कर सकती है।

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