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शोध : रोज योग करने से छूटेगी सिगरेट और तंबाकू की लत
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योग करने वाले लोगों में 7 दिन तक तंबाकू न छूने की संभावना सामान्य उपायों की तुलना में करीब 1.5 गुना ज्यादा पाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सिगरेट और तंबाकू छोड़ना आसान नहीं होता। बहुत से लोग कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर शुरू कर देते हैं। ऐसे में एम्स के एक नए शोध शोध में पता चला है कि रोज योग करने से सिगरेट और तंबाकू छोड़ना आसान साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं ने दुनिया भर के सात रैंडमाइज्ड नियंत्रित परीक्षणों (आरसीटी) का विश्लेषण किया, जो पिछले तीन दशक (1993 से सितंबर 2024 तक) में प्रकाशित हुए। इसमें 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को शामिल किया गया। हठ योग, विन्यास और अयंगर जैसे योग शैली से तनाव कम हुआ और तंबाकू की तलब घटी। वहीं, प्राणायाम से मन शांत और मूड बेहतर हुआ।
एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के (शोधकर्ता) डॉ. गौतम शर्मा नेे इसके नतीजे के बारे में बताया कि योग करने वाले लोगों में 7 दिन तक तंबाकू न छूने की संभावना सामान्य उपायों की तुलना में करीब 1.5 गुना ज्यादा पाई गई। योग से तनाव, डिप्रेशन और चिंता भी कम हुई। लोगों की जीवन की गुणवत्ता बेहतर हुई। इसके अलावा, शोध में पाया गया कि हठ योग, विन्यास और अयंगर जैसे सक्रिय योग से तनाव और डिप्रेशन घटता है, जबकि प्राणायाम से तंबाकू की इच्छा और नकारात्मक भावनाएं कम होती हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं के अनुसार, नतीजे पूरी तरह एक जैसे नहीं मिले, लेकिन कुल मिलाकर योग तंबाकू छोड़ने का एक अच्छा सहायक तरीका साबित हो सकता है। यह दिमाग और शरीर दोनों को संभालता है, जो लत के इलाज के लिए जरूरी है। शोधकर्ता अब चाहते हैं कि कम और मध्यम आय वाले देशों में भी योग आधारित कार्यक्रम चलाए जाएं। अगर तरीकों को एक समान बनाया जाए तो योग की असली ताकत और साफ पता चल सकेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सिगरेट और तंबाकू छोड़ना आसान नहीं होता। बहुत से लोग कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर शुरू कर देते हैं। ऐसे में एम्स के एक नए शोध शोध में पता चला है कि रोज योग करने से सिगरेट और तंबाकू छोड़ना आसान साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं ने दुनिया भर के सात रैंडमाइज्ड नियंत्रित परीक्षणों (आरसीटी) का विश्लेषण किया, जो पिछले तीन दशक (1993 से सितंबर 2024 तक) में प्रकाशित हुए। इसमें 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को शामिल किया गया। हठ योग, विन्यास और अयंगर जैसे योग शैली से तनाव कम हुआ और तंबाकू की तलब घटी। वहीं, प्राणायाम से मन शांत और मूड बेहतर हुआ।
एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के (शोधकर्ता) डॉ. गौतम शर्मा नेे इसके नतीजे के बारे में बताया कि योग करने वाले लोगों में 7 दिन तक तंबाकू न छूने की संभावना सामान्य उपायों की तुलना में करीब 1.5 गुना ज्यादा पाई गई। योग से तनाव, डिप्रेशन और चिंता भी कम हुई। लोगों की जीवन की गुणवत्ता बेहतर हुई। इसके अलावा, शोध में पाया गया कि हठ योग, विन्यास और अयंगर जैसे सक्रिय योग से तनाव और डिप्रेशन घटता है, जबकि प्राणायाम से तंबाकू की इच्छा और नकारात्मक भावनाएं कम होती हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं के अनुसार, नतीजे पूरी तरह एक जैसे नहीं मिले, लेकिन कुल मिलाकर योग तंबाकू छोड़ने का एक अच्छा सहायक तरीका साबित हो सकता है। यह दिमाग और शरीर दोनों को संभालता है, जो लत के इलाज के लिए जरूरी है। शोधकर्ता अब चाहते हैं कि कम और मध्यम आय वाले देशों में भी योग आधारित कार्यक्रम चलाए जाएं। अगर तरीकों को एक समान बनाया जाए तो योग की असली ताकत और साफ पता चल सकेगी।
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