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दुष्कर्म की एफआईआर में देरी पर डीसीपी से रिपोर्ट तलब
Sun, 11 Aug 2019 05:53 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 11 Aug 2019 05:53 PM IST
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अदालत ने दुष्कर्म के मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी पर दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त को आदेश की कॉपी भेजकर रिपोर्ट तलब की है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने आरोपियों से मिलीभगत के चलते उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की थी। इसके लिए जिम्मेदार पुलिस वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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पेश मामले में एफआईआर न होने पर पीड़िता अदालत पहुंची थी और उसकी एफआईआर तब दर्ज की गई जब अदालत ने कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी।
साकेत जिला अदालत की महानगर दंडाधिकारी विजेता सिंह रावत के समक्ष पुलिस ने एफआईआर की कॉपी पेश कर दी। पीड़िता के वकील देव ज्योति डे ने कहा कि पुलिस ने कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद एफआईआर की है। यह एफआईआर आरोपियों से मिलीभगत के कारण नहीं की जा रही थी। इसलिए जिम्मेदार पुलिस वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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पीड़ित पक्ष ने कोर्ट को यह भी बताया कि एमएलसी में पीड़िता से अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की पुष्टि हुई है, लेकिन पुलिस ने यह धारा एफआईआर में नहीं लगाई है। कोर्ट में याचिका दायर कर पीड़िता ने थाना हौजखास क्षेत्र निवासी ससुर व देवर पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।
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अदालत में याचिका दायर कर महिला ने कहा था कि उसके ससुर व देवर ने उससे न केवल दुष्कर्म किया बल्कि उसे लंबे समय तक प्रताड़ित भी किया। इसकी शिकायत उसने 29 जुलाई को हौजखास थाने में दी थी। उस समय भी उसके ससुर व देवर ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षा देने या आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उसे वापस भेज दिया।