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रेलिगेयर केस: अदालत ने पूर्व सीएमडी को दो दिन में आत्म सर्मपण करने का दिया आदेश
Sun, 06 Dec 2020 03:10 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 06 Dec 2020 03:10 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
दिल्ली की एक अदालत ने रेलिगेयर इंटरप्राजेज लिमिटेड (आरईएल) के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी को दो दिन के भीतर तिहाड़ जेल अधिकारियों के समक्ष आत्म समर्पण करने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर गोधवानी की गिरफ्तारी हो सकती है।
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गोधवानी को 25 सितंबर को अंतरिम जमानत मिली थी। गोधवानी की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ गई थी और 12 नवंबर को आत्म समर्पण करना था। साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने कहा कि अगर आरोपी आत्म समर्पण नहीं करता है तो केस के जांच अधिकारी उसे गिरफ्तार जेल अधिकारियों के हवाले करें।
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अदालत ने यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आवेदन पर सुनवाई के बाद दिया है। ईडी ने गोधवानी की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने का आग्रह किया था क्योंकि उसने 12 नवंबर को आत्म समर्पण नहीं किया।
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ईडी ने अपने आवेदन में कहा था कि गोधवानी को 25 सितंबर को ससुर की मौत के मद्देनजर तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मिली थी। अदालत ने यह अवधि 15 अक्तूबर के दस दिन के लिए बढ़ा दी थी और उसे 26 अक्तूबर को आत्म समर्पण करना था।
गोधवानी ने हाईकोर्ट के 20 अक्तूबर के आदेश के मद्देनजर आवेदन दायर कर आत्म समर्पण करने की तारीख बढ़वा ली थी। उसे 12 नवंबर को आत्म समर्पण करना था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अंतरिम जमानत पर छूटे सभी विचाराधीन कैदियों को दो से 12 नवंबर के बीच सरेंडर करना है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस आदेश पर 29 अक्तूबर को रोक लगा दी थी।
एजेंसी के वकील नितेश राणा ने कहा कि गोधवानी एक साथ हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का फायदा उठा रहा था। उसके 12 नवंबर को आत्म समर्पण संबंधी आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे नहीं किया था।