छह दिन बलात्कार के बाद अब झेल रही भद्दी गालियां
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सामूहिक बलात्कार की शिकार एक युवती को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तो उसे आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
दूसरे उसे आरोपियों का जानलेवा हमला भी झेलना पड़ रहा है। युवती पर आरोप है कि उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
युवती का आरोप है कि रोजाना उसके मोबाइल पर भद्दी-भद्दी गालियां दी जाती हैं। इस मामले में स्थानीय पुलिस के निष्ठुर रवैये से तंग आकर वह कोर्ट चली गई थी जिसके बाद उसे कोर्ट के आदेश पर सुरक्षा मुहैया कराया गया।
इसकी शिकायत पर आरोपियों के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में चार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अलग बात है कि इसके बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
छह दिन तक हुआ बलात्कार
गौरतलब है कि यह मामला पिछले तीन वर्षों से चला आ रहा है। इसकी नूंह कोर्ट में अर्जी पर धारा 366/376जी/506/120 और आर्मज एक्ट के तहत आरेपी के खिलाफ वारंट भी जारी कर चुकी है। जिसमें दो तो गिरफ्तार किए जा चुके हैं जबकि सामूहिक बलात्कार के दो आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि गांव खोयरी की तावडू से कप्यूटर कोर्स करने वाली युवती की 28 जुलाई 2011 को वह्र्रां के बस अडडे से कार में सवार लोगों ने देशी कटटा दिखकर अपहरण कर लिया था। उसके बाद उसे यूपी ले गए थे।
युवती का आरोप है कि उससे वहां बंदूक की नोंक पर करीब छह दिन तक बलात्कार किया गया। उसने उनकी पहचान फारूख, मुबीन, समयदीन और चवन के रूप में की थी।
परिवार वालों को भी मारा-पीटा
बाद आरोपी उसे गुड़गांव में एक कमरा में रखकर उससे सामूहिक बलात्कार किया। फिर किसी तरह वह 21 जनवरी 2012 को बदमाशों के चंगुल से निकल भगी। इसके बाद आरोपियों ने उसके भाई, मां और परिवार वालों के साथ मारपिटाई भी की।
उसके भाई की शिकायत पर धारा 148/149/323/452/506,120 तथा आर्मज एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
उसने बताया कि इसके बाद भी आरोपी नहीं माने और 3 फरवरी 2012 को फिर उसे रास्ते से पकड़ कर तावडू में एक कमरे में बलात्कार किया। इस मामले में भी तावड़ू थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।