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रेप पीड़िता के सामने स्कूल ने रखी शर्त- क्लास में मत आओ, तभी देंगे 11वीं में दाखिला

Fri, 28 Apr 2017 10:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 28 Apr 2017 10:44 AM IST
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 rape victim 10th class student humiliated by school management in delhi
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दिल्ली महिला आयोग ने 10वीं में पढ़ने वाली रेप पीड़िता के साथ भेदभाव करने वाले निजी स्कूल को दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के माध्यम से नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है। शिक्षा निदेशालय को इस मामले में पूरी जांच करने के साथ पांच दिन के भीतर उसकी रिपोर्ट आयोग को देने का भी निर्देश दिया गया है।

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आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक, दिल्ली महिला आयोग के पास 10वीं में पढ़ने वाली रेप पीड़िता के अभिभावकों ने शिकायत दी है कि जिस स्कूल में उनकी बेटी पढ़ती है, उस स्कूल ने संवेदनशीलता की सारी मर्यादाओं को ताक पर रख दिया है। इसी शिकायत के आधार पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। 
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अभिभावक ने अपनी शिकायत में लिखा है कि स्कूल ने शर्त रखी है कि रेप पीड़िता को 11वीं में तभी दाखिला मिलेगा, जब वह स्कूल नहीं आएगी। क्योंकि स्कूल को ऐसा लगता है कि उनकी लड़की के रोजाना स्कूल आने से उनके स्कूल की बदनामी हो सकती है। 
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स्कूल प्रशासन ने दूसरी शर्त यह रखी है कि स्कूल में पीड़िता की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। बता दें कि पीड़िता का अपहरण कर चलती कार में रेप करके उसे सड़क पर फेंक दिया गया था।

स्कूल ने पीड़िता की बंद करवा दी बस

 rape victim 10th class student humiliated by school management in delhi
rape

अभिभावकों का यह भी आरोप है कि स्कूल ने उनकी बेटी की स्कूल बस भी बंद कर दी है। स्कूल छोड़ने से लेकर लाने की जिम्मेदारी वे स्वयं उठा रहे हैं। प्रिंसिपल ने कहा है कि पीड़िता के चलते उनके स्कूल की छवि खराब हो सकती है, इसलिए बेहतर यही है कि वे अपनी बेटी का दूसरे स्कूल में दाखिला करवा लें। 

कक्षा में पीड़िता के दोस्तों को भी उसके साथ बैठने के लिए मना कर दिया गया। पीड़िता को तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है, ताकि वह स्कूल छोड़ दे। स्वाति का कहना है कि यह बहुत गंभीर मामला है। 10वीं में पढ़ने वाली बच्ची को उस गलती की सजा दी जा रही है, जो उसने की ही नहीं है। यह हमारे समाज के लिए बहुत शर्मनाक है।      

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