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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Red Fort blast: Court takes cognizance of NIA's 7,500-page charge sheet.

लाल किला धमाका: कोर्ट ने एनआईए की 7,500 पन्नों की चार्जशीट का लिया संज्ञान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 06:43 PM IST
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-11 आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में 588 गवाहों का जिक्र, अगली सुनवाई 9 सितंबर को
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संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। लाल किला धमाका मामले में राउज एवेन्यू स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने शनिवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लिया। विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने 11 आरोपियों के खिलाफ दाखिल 7,500 पन्नों की चार्जशीट पर संज्ञान लिया। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। अदालत ने एनआईए को आरोपियों को चार्जशीट की प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। एनआईए ने 11 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट 14 मई को दाखिल की थी। इसके बाद 27 जून को दो आरोपियों के संबंध में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई। मुख्य आरोपी डॉ उमर उन नबी की 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार बम धमाके में मौत हो गई थी। उसके खिलाफ कार्यवाही बंद करने का प्रस्ताव है, जबकि एक आरोपी के फरार होने की बात भी सामने आई है। एनआईए की चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री का उल्लेख किया है। जांच जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में की गई। एनआईए का आरोप है कि आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएच) से जुड़े थे। एजेंसी के मुताबिक, इस संगठन ने 2022 में श्रीनगर में एक गुप्त बैठक के दौरान खुद को फिर से संगठित किया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने ऑपरेशन हेवनली हिंद के नाम से साजिश रची और देश में शरिया आधारित शासन लागू करने की योजना बनाई।
588 गवाह और 395 से अधिक दस्तावेज :
एनआईए की चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री का उल्लेख किया है। जांच जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में की गई। एनआईए का आरोप है कि आरोपी अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएच) से जुड़े थे। एजेंसी के मुताबिक, इस संगठन ने 2022 में श्रीनगर में एक गुप्त बैठक में खुद को फिर से संगठित किया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने ऑपरेशन हेवनली हिंद के नाम से साजिश रची और देश में शरिया आधारित शासन लागू करने की योजना बनाई।
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धमाके में 11 लोगों की हुई थी मौत : एनआईए के मुताबिक, 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास कार में रखे विस्फोटक से जोरदार धमाका किया गया था। इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। आसपास की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था। एजेंसी ने मामले में यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने संबंधी कानून की धाराएं लगाई हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने, हथियार जुटाने और नए लोगों को संगठन से जोड़ने का काम किया।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में हुई पेशी : एनआईए के अनुसार, धमाके में टीएटीपी नामक विस्फोटक का इस्तेमाल किया था। वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच, डीएनए और आवाज के नमूनों के आधार पर मृत आरोपी डॉ उमर उन नबी की पहचान की गई। आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ अदील अहमद राथर, डॉ शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयब, डॉ बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेश किया गया। एनआईए की ओर से विशेष लोक अभियोजक माधव खुराना, तृषा मित्तल और लोक अभियोजक अनिल डबास पेश हुए।
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