अटल-आडवाणी के बाद राजनाथ भी पोस्टर से बाहर
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भाजपा में युवाओं को तरजीह मिल रही है। केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी कहा है कि हम एक जेनरेशन चेंज की ओर बढ़े है। लेकिन इस जेनरेशन चेंज के चक्कर में पार्टी अपने कई दिग्गजों को भूलती जा रही है।
अटल-आडवाणी तो आमतौर पर कार्यक्रम के दौरान होर्डिंग-पोस्टर से गायब मिलते हैं। अब राष्ट्रीय भाजपा के कई पूर्व अध्यक्ष भी होर्डिंग-पोस्टर से गायब होने लगे है।
जनरेशन चेंज का बखान करने वाली भाजपा में दिग्गज नेताओं को नजरअंदाज करना थोड़ा असहज लग रहा है।
होर्डिंग में सिर्फ मोदी और शाह
शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार को लेकर पार्टी ने बड़े पैमाने पर कार्यक्रम को आयोजित किया। जहां कई राष्ट्रीय नेताओं ने भी शिरकत की।
होर्डिंग-पोस्टर में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दिखे। कार्यालय के गेट पर ही स्वागत पोस्टर में मोदी, अमित शाह बड़े कट-आउट पोस्टर में दिखे।
इसी तरह केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, डॉ. हर्षवर्धन, प्रदेश प्रभारी प्रभात झा, प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय को उस कट-आउट में शामिल किया गया था, लेकिन इस स्वागत कट-आउट से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी गायब दिखें।
पोस्टर से अटल-आडवाणी भी गायब
कार्यक्रम में शरीक होने वाले कार्यकर्ताओं में भी यह चर्चा का विषय रहा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राजनाथ सिंह की स्वीकृति से ही प्रदेश भाजपा की कमान सतीश उपाध्याय को सौंपी गई।
लेकिन पद ग्रहण समारोह के दिन उन्हीं को भाजपा कार्यकर्ता भूल गए। जबकि अमित शाह को कट आउट में उतनी ही जगह मिली थी जितनी की देश के प्रधानमंत्री को।
कुछ बुजुर्ग भाजपा कार्यकर्ता अटल-आडवाणी का फोटो कट-आउट में नहीं लगाने से भी नाराज दिखें। उनका कहना था कि जेनरेशन चेंज के चक्कर में पार्टी अपने मार्गदर्शकों को ही भूलती जा रही है।
उपाध्याय ने भी अपनाया मोदी का अंदाज!
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बिना अनुमति के कोई भी होर्डिंग-पोस्टर में उनका फोटो इस्तेमाल करने की मनाही की है। इस बाबत उन्होंने प्रदेश, मंडल, जिला के पदाधिकारी को एक नोटिस भी जारी करने को कहा है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि कई ऐसे लोग है जो अपना हित साधने के लिए राष्ट्रीय नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष के फोटो का इस्तेमाल होर्डिंग पोस्टर में करते है। जबकि उनका संबंध भाजपा से नहीं रहता। वे न तो कार्यकर्ता होते है और न ही भाजपा के सदस्य।
उन्होंने बताया कि बिल्डर माफिया इस तरह की गतिविधियों में ज्यादा रहते है। लिहाजा अब बिना अनुमति के कोई भी प्रदेश अध्यक्ष का फोटो नहीं इस्तेमाल करेगा। उन्होंने पांव छूने की परंपरा को भी खत्म करने की बात की है। सभी कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा है कि कोई किसी का पैर नहीं छूएगा।