फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Rain soaks 10 lakh quintals of grain stored in the market, leaving farmers helpless

Delhi NCR News: बारिश से मंडी में रखा 10 लाख क्विंटल अनाज भीगा, किसान दिखे बेबस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
उठान में देरी बना कारण, 72 घंटे में भुगतान का दावा फेल
विज्ञापन

तिरपाल न होने से भीगा अनाज, जिम्मेदारी पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी


पलवल/होडल। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं खरीद प्रक्रिया में व्याप्त अव्यवस्थाओं का खामियाजा किसानों और आढ़तियों को भुगतना पड़ रहा है। जिले के मंडियों में खरीदी गई फसल का समय पर उठान न होने से किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। मंगलवार रात हुई हल्की बारिश ने इन समस्याओं को और भी बढ़ा दिया है। बारिश के चलते मंडियों में खुले में पड़ा करीब 10 लाख क्विंंटल गेहूं भीग गया।




11 लाख क्विंटल अनाज पड़ा है मंड़ी में : आंकड़ों के मुताबिक अब तक जिले की मंडियों में लगभग 30 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। वहीं, उठान केवल 19 लाख क्विंटल का ही हो पाया है। शेष 11 लाख क्विंटल अनाज अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है। इसमें से करीब 1 लाख क्विंटल गेहूं ही टीन शेड के अंदर रखा है, बाकि खुले में ही पड़ा हुआ है। मंगलवार रात को हुई बारिश के कारण जिले के विभिन्न मंडियों में खुले में रखा अनाज भीग गया। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में और बारिश होने की संभावना है। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
विज्ञापन


अनाज भीगने से किसानों को भुगतान में होती है देरी : बारिश में अनाज भीग जाने के कारण खरीद और उठान प्रक्रिया में समय लगता है। बारिश के कारण अनाज उठान प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इससे किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा 72 घंटे के भीतर भुगतान का दावा किया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि भुगतान उठान के बाद ही किया जाता है। ऐसे में जब उठान में ही देरी हो रही है, तो भुगतान भी अटक रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है। किसानों को अगली फसल की बोआई के लिए धन की आवश्यकता होती है। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान गौरव तेवतिया का कहना है कि मंडियों में फसल का उठान बेहद धीमी गति से हो रहा है, जिससे किसानों का भुगतान भी अटका हुआ है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल उठान तेज करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


97 करोड़ रुपये का हुआ है भुगतान : पलवल अनाज मंड़ी में करीब सात हजार किसानों को करीब 97 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। करीब एक हजार किसानों को भुगतान नहीं किया है। पलवल अनाज मंडी में लगभग 8.90 लाख कट्टों का उठान किया जा चुका है। वहीं, करीब 60 हजार कट्टा का उठान बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकि कट्टों का भी उठान कर लिया जाएगा।



उठान प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और श्रमिकों की समस्या को दूर कर लिया गया है। जल्द ही पलवल अनाज मंड़ी में उठान प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
- बलदेव सैनी, वेयरहाउस अधिकारी पलवल


क्या कहते हैं किसान--


दो दिनों से मौसम विभाग बारिश की चेतावनी दे रहा था। जिस पर उन्होंने गेहूं के उठान को लेकर विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसका नतीजा यह रहा कि बारिश के कारण मंडी में रखे हजारों क्विंटल गेहूं के कट्टे बारिश से भीग गए।
- राम अवतार, किसान



बारिश के कारण अनाज मंडी में रखे गेहूं के कट्टे भीग गए। गेहूं का उठान धमी गति से होने के कारण आढ़तियों और किसानों को पिछले कई दिनों से परेशानी उठानी पड रही है। गोदामों तक गेहूं की फसल नहीं पहुंचने के कारण किसानों का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है।

- हरिओम किसान







अनाज मंडी में गेहूं के उठान शुरू हो चुका है। व्यापारियों को गेहूं की फसल को ढकने के लिए त्रिपाल प्रयोग करने के आदेश दिए गए हैं। हल्की बारिश हुई है जिससे ढलान के स्थान पर पानी भरा है उसे निकलवा दिया गया है।
- वीरेंद्र सिंह, सचिव अनाज मंडी, होडल।




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article