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Delhi NCR News: कोर्ट का समय बर्बाद करने पर हाथ ऊपर कर खड़े होने की मिली सजा
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- अदालत ने आरोपी कुलदीप को न्यायिक हिरासत में लेते हुए 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है
-न्यायाधीश ने कोर्ट की अवमानना का दोषी मानते हुए कोर्ट उठने तक हाथ ऊपर कर खड़े रहने की सजा का आदेश दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट ने पेशी पर आए आरोपियों को कोर्ट का समय बर्बाद करने और जमानती कागजात समय पर न देने पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने एक आरोपी को हिरासत में भेज दिया, जबकि दो अन्य आरोपी को कोर्ट की अवमानना का दोषी मानते हुए कोर्ट उठने तक हाथ ऊपर कर खड़े रहने की सजा दी। हरकेश जैन बनाम अनिल से जुड़े मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ गोयल की अदालत में हुई। अदालत ने कहा कि बार-बार बुलाने और सुबह से शाम तक इंतजार कराने के बावजूद आरोपियों की ओर से जमानत मुचलका दाखिल नहीं किया। इससे कोर्ट का अमूल्य समय बर्बाद हुआ जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है।
अदालत ने इस अवमानना के लिए आरोपी उपासना और आनंद को दोषी पाते हुए उन्हें अदालत उठने तक हाथ ऊपर कर खड़े रहने की सजा सुनाई। वहीं, आरोपी कुलदीप को न्यायिक हिरासत में लेते हुए 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। उसे अब 29 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा। आरोपियों की ओर से इस दिन की कार्यवाही स्थगित करने का अनुरोध किया गया, जिसे शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से विरोध नहीं किया गया। ऐसे में अदालत ने अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
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-न्यायाधीश ने कोर्ट की अवमानना का दोषी मानते हुए कोर्ट उठने तक हाथ ऊपर कर खड़े रहने की सजा का आदेश दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट ने पेशी पर आए आरोपियों को कोर्ट का समय बर्बाद करने और जमानती कागजात समय पर न देने पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने एक आरोपी को हिरासत में भेज दिया, जबकि दो अन्य आरोपी को कोर्ट की अवमानना का दोषी मानते हुए कोर्ट उठने तक हाथ ऊपर कर खड़े रहने की सजा दी। हरकेश जैन बनाम अनिल से जुड़े मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ गोयल की अदालत में हुई। अदालत ने कहा कि बार-बार बुलाने और सुबह से शाम तक इंतजार कराने के बावजूद आरोपियों की ओर से जमानत मुचलका दाखिल नहीं किया। इससे कोर्ट का अमूल्य समय बर्बाद हुआ जो न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है।
अदालत ने इस अवमानना के लिए आरोपी उपासना और आनंद को दोषी पाते हुए उन्हें अदालत उठने तक हाथ ऊपर कर खड़े रहने की सजा सुनाई। वहीं, आरोपी कुलदीप को न्यायिक हिरासत में लेते हुए 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। उसे अब 29 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा। आरोपियों की ओर से इस दिन की कार्यवाही स्थगित करने का अनुरोध किया गया, जिसे शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से विरोध नहीं किया गया। ऐसे में अदालत ने अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
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