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Delhi: सिविल लाइंस में बनेगा छह लेन का फ्लाईओवर, पीडब्ल्यूडी ने 183 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी
Fri, 11 Apr 2025 04:55 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 11 Apr 2025 04:55 PM IST
सार
दिल्ली में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सिविल लाइंस में छह लेन के फ्लाईओवर के निर्माण के परियोजना को मंजूरी दी है। परियोजना की अनुमानित लागत 183 करोड़ रुपये है।
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फ्लाईओवर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : freepik.com
विस्तार
राजधानी को जाम मुक्त करने की दिशा में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया गया। मंत्री प्रवेश वर्मा ने आउटर रिंग रोड पर सबसे बड़े जाम वाले प्वाइंट पर फ्लाईओवर बनाने की मंजूरी दी है। इसके बनने से न केवल दिल्ली वालों को जाम से निजात मिलेगी, बल्कि अन्य राज्यों के वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी।
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विभाग की ओर से आउटर रिंग रोड पर मेटकाफ हाउस टी-जंक्शन पर 183 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन के फ्लाईओवर का निर्माण होगा। इस परियोजना का उद्देश्य उत्तरी दिल्ली के व्यस्त चौराहे पर ट्रैफिक की भीड़ को कम करना और रिंग रोड पर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है। यह फ्लाईओवर सिविल लाइंस और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए ट्रैफिक को सुचारू करने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और पंजाब जैसे उत्तरी राज्यों की ओर जाने वाले यातायात को भी आसान बनाएगा। परियोजना के पूरा होने पर हजारों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और यात्रा का समय बचेगा।
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यह हैं परियोजना से जुड़ी प्रमुख विशोषताएं
-मेटकॉफ हाउस जंक्शन पर सिग्नल मुक्त और निर्बाध ट्रैफिक प्रवाह सुनिश्चित होगा।
-सतह के पानी को रोकने के लिए नई ड्रेनेज प्रणाली लागू की जाएगी।
-पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ते के लिए फुटपाथ का निर्माण होगा।
-फ्लाईओवर के नीचे सड़क पर स्थानीय ट्रैफिक के लिए समय और ईंधन बचाने के लिए बैक-टू-बैक यू-टर्न व्यवस्था लागू होगी।
-मेटकाफ हाउस जंक्शन पर ट्रैफिक प्रवाह सुगम होगा। सिग्नल प्रतीक्षा समय और वाहनों का दबाव कम होगा।
-आउटर रिंग रोड पर सलीमगढ़ फोर्ट और सिग्नेचर ब्रिज वाहनों के दबाव के कारण लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।
-आईटीओ और आसपास के प्रमुख कॉरिडोर तक बेहतर पहुंच होगी।
-सिविल लाइंस ट्रॉमा सेंटर जैसे अस्पतालों के लिए आपातकालीन आवाजाही में सुधार होगा।
-हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के साथ संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।
रोजाना हजारों वाहन चालक होते हैं पेरशान
आउटर रिंग रोड पर कश्मीरी गेट से आगे जाते ही जाम से जूझना पड़ता है। यहां पर मेटकाफ हाउस के पास टी प्वाइंट है। यह चंदगी राम अखाड़े के पास भी है। यहां पर तीन तरफ से ट्रैफिक आता है। ऐसे में रोजाना हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह समस्या कश्मीरी गेट के साथ ही सलीमगढ़ फोर्ट से सिग्नेचर ब्रिज तक रिंग रोड पर लगातार सामने आ रही है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए पीडब्ल्यूडी और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त निरीक्षण किया। बीते 25 मार्च को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में फ्लाईओवर की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया।
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फ्लाईओवर राष्ट्रीय राजधानी में आधुनिक, कुशल और यात्री-अनुकूल सड़क नेटवर्क बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और हर नागरिक के लिए जीवन को आसान बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप यह परियोजना उत्तरी दिल्ली के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर ट्रैफिक जाम को कम करेगी। हमारा लक्ष्य यात्रा समय को कम करना, मुख्य सड़कों पर दबाव को घटाना और राजधानी में बेहतर गतिशीलता सुनिश्चित करना है। -प्रवेश वर्मा, लोक निर्माण विभाग मंत्री, दिल्ली सरकार