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प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में फंसे हुए है करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 03 Feb 2016 05:21 AM IST
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तीनों नगर निगम के नेता ही नहीं अधिकारी भी विभिन्न फंड के तहत राशि नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। लेकिन वह केंद्र व दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के साथ-साथ अन्य निकायों व लोगों की ओर प्रॉपर्टी टैक्स के तौर बकाया कई हजार करोड़ रुपये वसूलने केमामले में हाथ पर हाथ रखकर बैठी हुई है।
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम का केंद्र व दिल्ली सरकार के अलावा अन्य निकायों व लोगों से एक हजार करोड़ रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के तौर पर बकाया है। उसे सबसे अधिक डीडीए से प्रॉपर्टी टैक्स लेना है। वहीं दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने 15 सरकारी विभागों व निजी कंपनियों और अन्य लोगों से लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये वसूलने है।
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उसे भी सबसे अधिक राशि डीडीए से वसूलनी है। वहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम को भी लगभग एक हजार करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में फंसे हुए है।
तीनों नगर निगम ने आस्तित्व में आने के साथ प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ अभियान शुरू किया था। उन्होंने सरकारी विभागों के बैंक खातों से वसूली की कवायद शुरू की थी, वहीं आम लोगों के घरों के बाहर ढोल बजवाना आरंभ किया था। पहले साल के बाद अब तीन साल से तीनों नगर निगम ने टैक्स वसूली के लिए कोई अभियान नहीं चला रखा है। इस कारण टैक्स की बकाया राशि बढ़ती जा रही है।
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टैक्स वसूली के मामले में अधिकारी ही नहीं नेता भी कोई ध्यान नहीं दे रहे है। टैक्स का दायरा बढ़ाने की तो हमेशा चर्चा की जाती है, लेकिन बकाया राशि की वसूली के मामले में सभी चुप रहते है।