{"_id":"66102425121e45a2bb0c34cf","slug":"projects-under-construction-to-improve-traffic-are-not-being-completed-on-time-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-44629-2024-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: यातायात सुधार के लिए निर्माणाधीन परियोजनाएं समय पर नहीं हो रही पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: यातायात सुधार के लिए निर्माणाधीन परियोजनाएं समय पर नहीं हो रही पूरी
विज्ञापन
विभिन्न विभागों से अनुमतियां है देरी का कारण, कई परियोजनाओं को मार्च में होना था पूरा
लोगों को परेशानी का करना पड़ रहा सामना, निर्माणस्थल पर होता है लंबा जाम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में यातायात सुधार के लिए निर्माणाधीन बड़ी परियोजनाओं को पूरा होने में देरी हो रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने की कई बार समय सीमा निकल चुकी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने यातायात जाम से राहत दिलाने के लिए एक योजना बनाई थी। इसमें 77 हाॅटस्पाॅट शामिल थे। योजना के तहत दीर्घकालिक और अल्पकालिक परियोजनाएं शामिल है। अल्पकालिक परियोजनाएं जैसे बिजली के खंभों का स्थानांतरण, सड़कों का डिजाइन, फुटपाथों पर अतिक्रमण आदि पूरा कर लिया गया है, लेकिन दीर्घकालिक परियोजनाएं जिसमें आनंद विहार से अप्सरा बाॅर्डर के बीच फ्लाईओवर, पंजाबी बाग कॉरिडोर पुनर्विकास और पीरागढ़ी जंक्शन सुधार जैसी बड़ी परियोजनाएं अधूरी हैं। इनमें से कई परियोजनाओं को मार्च से पहले पूरा हो जाना था।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार, दो दीर्घकालिक परियोजनाएं पंजाबी बाग फ्लाईओवर और आनंद विहार से अप्सरा बॉर्डर तक एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण कार्य में पेड़ बाधा बन रहे है। अगर पेड़ काटने या फिर पेड़ को हटाने का अनुरोध मंजूर हो जाता है तो इसे कुछ माह में पूरा कर लिया जाएगा। इन दोनों परियोजना को तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री मनीष सिसौदिया ने मंजूरी दी थी। अन्य परियोजनाएं विभिन्न विभागों से अनुमति की कमी और लंबित मंजूरी जैसे कारणों से देरी हो रही है।
गत वर्ष दिसंबर में ही निर्माण कार्य होना था पूरा
अप्सरा बार्डर से आनंद विहार की ओर जाने वाले फ्लाईओवर पर 372 कराेड़ का अनुमानित खर्च रखा गया है। इसे 31 दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाना था। इस परियोजना के तहत आनंद विहार आरओबी और अप्सरा बार्डर आरओबी के बीच रोड नंबर-56 पर करीब 1440 मीटर लंबे और छह लेन के चौड़े फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण के बाद रामप्रस्थ कॉलोनी, विवेक विहार और श्रेष्ठ विहार लालबत्ती पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को मुक्ति मिल जाएगी। यहां से प्रतिदिन औसतन 1.48 लाख वाहन गुजरेंगे।
विज्ञापन
पंजाबी बाग फ्लाईओवर का कार्य अब जून तक पूरा करने का लक्ष्य
पंजाबी बाग फ्लाईओवर और राजा गार्डन फ्लाईओवर के बीच बनने वाला कॉरिडेार रिंग रोड का हिस्सा है और यहां ट्रैफिक का लोड काफी ज्यादा है। क्योंकि, यहां रोहतक रोड (एनएच -10) का उपयोग करके हरियाणा का ट्रैफिक आता है, साथ ही ये उत्तरी दिल्ली को दक्षिणी दिल्ली, गुरुग्राम व एनसीआर के अन्य हिस्से से जोड़ने का भी काम करता है। इस योजना के तहत मोतीनगर में तीन लेन व ईएसआई मेट्रो स्टेशन से क्लब रोड के बीच छह लेन के नए फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। पंजाबी बाग स्थित फ्लाईओवर का दोहरीकरण होगा। जून तक परियोजना का काम पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पर 352 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। पहले इसे 31 दिसंबर 2023 तक पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया था।
ईस्ट-वेस्ट काॅरिडोर परियोजना विचाराधीन
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर आनंद विहार से टिकरी बॉर्डर तक एक एलिवेटेड मार्ग है, जिसमें 30 किलोमीटर से अधिक दूरी की एलिवेटेड सड़क की योजना बनाई गई है। यह अभी भी यूटीपेक के पास विचाराधीन है। मंजूरी मिलने के बाद इस कॉरिडोर को तीन साल में पूरा किया जाएगा।
विज्ञापन
लोगों को परेशानी का करना पड़ रहा सामना, निर्माणस्थल पर होता है लंबा जाम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में यातायात सुधार के लिए निर्माणाधीन बड़ी परियोजनाओं को पूरा होने में देरी हो रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने की कई बार समय सीमा निकल चुकी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने यातायात जाम से राहत दिलाने के लिए एक योजना बनाई थी। इसमें 77 हाॅटस्पाॅट शामिल थे। योजना के तहत दीर्घकालिक और अल्पकालिक परियोजनाएं शामिल है। अल्पकालिक परियोजनाएं जैसे बिजली के खंभों का स्थानांतरण, सड़कों का डिजाइन, फुटपाथों पर अतिक्रमण आदि पूरा कर लिया गया है, लेकिन दीर्घकालिक परियोजनाएं जिसमें आनंद विहार से अप्सरा बाॅर्डर के बीच फ्लाईओवर, पंजाबी बाग कॉरिडोर पुनर्विकास और पीरागढ़ी जंक्शन सुधार जैसी बड़ी परियोजनाएं अधूरी हैं। इनमें से कई परियोजनाओं को मार्च से पहले पूरा हो जाना था।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार, दो दीर्घकालिक परियोजनाएं पंजाबी बाग फ्लाईओवर और आनंद विहार से अप्सरा बॉर्डर तक एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण कार्य में पेड़ बाधा बन रहे है। अगर पेड़ काटने या फिर पेड़ को हटाने का अनुरोध मंजूर हो जाता है तो इसे कुछ माह में पूरा कर लिया जाएगा। इन दोनों परियोजना को तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री मनीष सिसौदिया ने मंजूरी दी थी। अन्य परियोजनाएं विभिन्न विभागों से अनुमति की कमी और लंबित मंजूरी जैसे कारणों से देरी हो रही है।
विज्ञापन
गत वर्ष दिसंबर में ही निर्माण कार्य होना था पूरा
अप्सरा बार्डर से आनंद विहार की ओर जाने वाले फ्लाईओवर पर 372 कराेड़ का अनुमानित खर्च रखा गया है। इसे 31 दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाना था। इस परियोजना के तहत आनंद विहार आरओबी और अप्सरा बार्डर आरओबी के बीच रोड नंबर-56 पर करीब 1440 मीटर लंबे और छह लेन के चौड़े फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण के बाद रामप्रस्थ कॉलोनी, विवेक विहार और श्रेष्ठ विहार लालबत्ती पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को मुक्ति मिल जाएगी। यहां से प्रतिदिन औसतन 1.48 लाख वाहन गुजरेंगे।
विज्ञापन
पंजाबी बाग फ्लाईओवर का कार्य अब जून तक पूरा करने का लक्ष्य
पंजाबी बाग फ्लाईओवर और राजा गार्डन फ्लाईओवर के बीच बनने वाला कॉरिडेार रिंग रोड का हिस्सा है और यहां ट्रैफिक का लोड काफी ज्यादा है। क्योंकि, यहां रोहतक रोड (एनएच -10) का उपयोग करके हरियाणा का ट्रैफिक आता है, साथ ही ये उत्तरी दिल्ली को दक्षिणी दिल्ली, गुरुग्राम व एनसीआर के अन्य हिस्से से जोड़ने का भी काम करता है। इस योजना के तहत मोतीनगर में तीन लेन व ईएसआई मेट्रो स्टेशन से क्लब रोड के बीच छह लेन के नए फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। पंजाबी बाग स्थित फ्लाईओवर का दोहरीकरण होगा। जून तक परियोजना का काम पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पर 352 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। पहले इसे 31 दिसंबर 2023 तक पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया था।
ईस्ट-वेस्ट काॅरिडोर परियोजना विचाराधीन
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर आनंद विहार से टिकरी बॉर्डर तक एक एलिवेटेड मार्ग है, जिसमें 30 किलोमीटर से अधिक दूरी की एलिवेटेड सड़क की योजना बनाई गई है। यह अभी भी यूटीपेक के पास विचाराधीन है। मंजूरी मिलने के बाद इस कॉरिडोर को तीन साल में पूरा किया जाएगा।