केजरीवाल बिना विभाग के CM, जान लीजिए मंत्रिमंडल
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आम आदमी पार्टी ने शनिवार से अपनी दूसरी पारी की शुरुआत कर दी। अरविंद केजरीवाल ने अपने मंत्रिमंडल में सात मंत्रियों को जगह दी है।
इसमें से सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया को छोड़ बाकि सभी विधायक पहली बार मंत्री बने हैं।
चुनाव के दौरान महिला सुरक्षा पर जमकर बात करने वाली आम आदमी पार्टी की नई सरकार में किसी महिला को शामिल नहीं किया गया है।
आइए जानते हैं केजरीवाल के मंत्रिमंडल में किसे कौन सा विभाग मिला और राजनीति में आने से पहले वो क्या करते थे...
अरविंद केजरीवाल
46 वर्षीय अरविंद केजरीवाल अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। राजनीति में आने से पहले असल में वह डाक्टर बन समाज की सेवा करना चाहते थे।
हालांकि इसके बाद वह इंजीनियरिंग के क्षेत्र में गए और अपने पहले ही प्रयास में आईआईटी में सफल हुए। इसके बाद उन्होंने इंडियन रेवेन्यू सर्विस में भी कुछ दिन काम किया।
कहा जाता है कि अपनी सेवा के दौरान उन्होंने चपरासी तक लेने से इनकार कर दिया था। अपने ऑफिस की डस्टबिन से लेकर अपनी मेज भी वह खुद ही साफ करते थे।
अरविंद केजरीवाल पूरी तरह शाकाहारी हैं और किसी तरह के खर्चीले आडंबर से दूर रहते हैं। यहां तक कि वह अपने परिवार में किसी का जन्मदिन भी नहीं मनाते।
मंत्रालय: अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं लेकिन अपने पास कोई मंत्रालय नहीं रखा है।
मनीष सिसोदिया
42 वर्षीय मनीष सिसोदिया को अरविंद केजरीवाल का सबसे पुराना सहयोगी और सबसे करीबी माना जाता है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले मनीष के पिता स्कूल प्रिंसिपल थे। अरविंद केजरीवाल की तरह मनीष भी इंजीनियर हैं। उनके पास मैकेनिक इंजीनियरिंग की डिग्री है।
राजनीति में आने से पहले वह पेशे से पत्रकार थे। मनीष ऑल इंडिया रेडियो सहित टीवी चैनल में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाई हैं जिसके लिए उन्हें पुरस्कार भी मिल चुका है।
मंत्रालय: डिप्टी सीएम होने के साथ उनके पास वित्त, शिक्षा और शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी होगी
असिम अहमद खान
38 वर्षीय असिम अहमद खान पेशे से बिजनेसमैन हैं और स्नातक हैं। जिस सीट से वह जीते हैं वह कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। मटिया महल से उन्होंने कांग्रेस के शोएब इकबाल को पराजित किया है।
असिम अहमद खान को चुनाव प्रचार के दौरान शेर-ओ-शायरी करते हुए भी देखा जाता रहा है। बिजनेस के साथ साथ शेरो शायरी में भी उनकी खासी दिलचस्पी है।
मंत्रालय: खाद्य आपूर्ति, वन पर्यावरण और चयन विभाग
गोपाल राय
39 वर्षीय गोपाल राय पेशे से समाज सेवक और राजनीतिज्ञ हैं। 1997 में लखनऊ विश्वविद्यालय से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले गोपाल राय महंगी शिक्षा, अपराधिकरण और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करते रहे हैं।
छात्र आंदोलन के दौरान इन्होंने इन मुद्दों पर आमरण अनशन किया जिसके आगे कॉलेज प्रशासन को झुकना पड़ा था और कुलपति को अपना पद छोड़ना पड़ा था।
मंत्रालय: परिवहन, विकास और श्रम
सत्येंद्र कुमार जैन
50 वर्षीय सत्येंद्र जैन केजरीवाल की पिछली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। वह लंबे अरसे से समाज सेवा से जुड़े रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में दृष्टि हीन बच्चों के लिए इनके योगदान को काफी सराहना मिल चुकी है। लंबे समय तक इन्होंने मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए भी काम किया। आम आदमी पार्टी से जुड़ने से पहले वह कई स्वयं सेवी संगठनों से भी जुड़े रहे और उसके लिए काम किया है।
मंत्रालय: स्वास्थ्य, उर्जा, वाणिज्य और पीडब्लूडी
जितेंद्र सिंह तोमर
त्रिनगर से विधायक चुने गए जितेंद्र पेशे से वकील हैं और आम आदमी पार्टी में शामिल होने से पहले कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे। चुनाव से पहले उन पर ग्रेजुएशन की डिग्री फर्जी ढंग से लेने का आरोप भी लग चुका है।
हालांकि विवादों में आने के बाद भी आम आदमी पार्टी ने न सिर्फ उन्हें टिकट दिया बल्कि उन्होंने बीजेपी के नंद किशोर गर्ग को पराजित भी किया।
मंत्रालय: कानून, पर्यटन और गृह मंत्रालय
संदीप कुमार
34 वर्षीय संदीप कुमार पेशे से वकील हैं। सुल्तानपुर माजरा से चुनाव जीते संदीप दिल्ली विश्वविद्यालय के पढ़े हुए हैं। हरियाणा के रहने वाले संदीप ने एलएलबी तक की पढ़ाई की है।
मंत्रालय: महिला, बाल विकास और एससी-एसटी