फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Problems of heart patients are increasing with increasing pollution in Delhi-NCR

Pollution: धूल के महीन कण बढ़ा रही दिल की धड़कनें, बढ़ रहा पीएम 2.5 का स्तर; हार्ट अटैक की आशंका

Tue, 24 Oct 2023 12:33 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 24 Oct 2023 12:33 AM IST
सार

हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण तत्वों में पीएम 2.5 दिल के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा घातक है। यह ऐसे अति सूक्ष्म तत्व होते हैं जो लंग्स से होते हुए रक्त में मिलकर दिल तक पहुंच जाते हैं।

विज्ञापन
Problems of heart patients are increasing with increasing pollution in Delhi-NCR
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के साथ दिल के मरीजों की समस्या बढ़ गई है। इनमें अत्यधिक खांसी, गले में खराश, सीने में दर्द, अचानक बीपी घटना-बढ़ना, चक्कर आना जैसी परेशानी दिख रही हैं। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण तत्वों में पीएम 2.5 दिल के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा घातक है। यह ऐसे अति सूक्ष्म तत्व होते हैं जो लंग्स से होते हुए रक्त में मिलकर दिल तक पहुंच जाते हैं। इनके कारण कार्डियक अरेस्ट की आशंका काफी बढ़ जाती है। हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें खून का थक्का दिल में ब्लड बहाव को रोक देता है और हार्ट के उत्तकों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।

विज्ञापन


इस बारे में डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण एक साइलेंट किलर है। यह इस्केमिक हृदय रोग, हृदय विफलता, कार्डियक अरेस्ट की आशंका को बढ़ा देता है। बुजुर्ग, धूम्रपान करने वाले, मधुमेह, हृदय रोगी सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं। इसमें पीएम 2.5 सबसे घातक है। इसमें ऐसे खतरनाक तत्व होते हैं जिन्हें लंग्स भी नहीं रोक पाते। पीएम 2.5 स्तर में प्रत्येक 10 माइक्रोग्राम/एम 3 से हृदय संबंधी मृत्यु दर में 8-18 फीसदी की अत्यधिक वृद्धि हो सकती है। प्रदूषण के संपर्क में रहने से दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। यदि कोई व्यक्ति दो दिनों तक उच्च प्रदूषण स्तर में रहता है तो उसे दिल का दौरा पड़ने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

विज्ञापन

अदृश्य दुश्मन है पीएम 2.5
पार्टिकुलेट मैटर 2.5 अदृश्य दुश्मन है। आकार में काफी छोटे होने के कारण यह आसानी में नाक से होते हुए लंग्स तक और वहां से खून में मिलकर दिल तक का सफर कर लेते हैं। इसमें धूल, गर्द, धातु के सूक्ष्म कण, रसायनिक धुआं सहित अन्य खतरनाक तत्व शामिल होते हैं।

दिल्ली में दोगुना है पीएम 2.5 का स्तर
दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर मानक से दोगुना स्तर पर बना हुआ है। सोमवार को दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 124 मापा गया। जबकि सामान्य तौर पर यह 60 से कम होना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि पराली के जलाने, वाहनों का धुआं, निर्माण क्षेत्र में प्रदूषण, रसायन के जलाने सहित अन्य से इसका स्तर बढ़ता है। दिल्ली में पीएम 2.5 के स्तर बढ़ने से दिक्कत बढ़ रही है।

20 फीसदी तक बढ़े मरीज डॉ. राम मनोहर लोहिया सहित एम्स, सफदरजंग, जीपी पंत सहित अन्य अस्पतालों में दिल के मरीज 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दिसंबर तक दिल के मरीजों की संख्या बढ़ी रहती है। ठंड और प्रदूषण के कारण इन्हें काफी परेशानी होती है। ऐसे मरीजों को इस समय विशेष ध्यान रखना चाहिए। खासकर डॉक्टरों की सलाह की नियमित पालन करना चाहिए।

रखें इनका ध्यान

  • नियमित करें बीपी की जांच
  • मास्क का करें इस्तेमाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed