{"_id":"69ee2d9223acca88610dc4f2","slug":"private-bank-assistant-manager-duped-on-pretext-of-getting-a-government-job-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-133949-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर निजी बैंक के सहायक प्रबंधक से ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर निजी बैंक के सहायक प्रबंधक से ठगी
विज्ञापन
- डाबड़ी इलाके की घटना, आरोपी भी निजी बैंक के लोन विभाग में था कार्यरत
-अदालत के आदेश के बाद डाबड़ी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच में जुटी
राजीव कुमार
नई दिल्ली। डाबड़ी इलाके में निजी बैंक की सहायक प्रबंधक से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने बैंक के ही लोन विभाग में कार्यरत कर्मचारी पर 45 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने अदालत में गुहार लगाई। अदालत के आदेश के बाद डाबड़ी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।
जानकारी के मुताबिक रीतू सरोया 2020 में बिजवासन के एक्सिस बैंक की शाखा में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत थी। दर्ज प्राथमिकी में रीतू ने बताया कि कुछ माह काम करने के बाद उनकी बात लोन विभाग में काम करने वाले अंकित कटियार से होने लगी। आरोप है कि वह लगातार उसे सरकारी और अच्छी कंपनी के बड़े पद पर नौकरी दिलवाने का आश्वासन देता था। एक दिन उसने फोन कर उसे माइक्रोसॉफ्ट और एचसीएल कंपनी में ऊंचे पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। हामी भरने के बाद वह कई मदों में पैसे की मांग करने लगा। एक बार 35 हजार, दूसरे बार 3.50 लाख रुपये लिए। फिर उसने कई महीने में लगातार पैसे की मांग की। फिर कंपनी के एचआर कर्मी होने का दावा कर उसके सहयोगी व्हाट्सएप मैसेज कर उससे पैसे की मांग करने लगे। आरोपियों ने उससे 25 लाख रुपये लिए। फिर अंकित ने उसकी छोटी बहन को उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की पोस्ट पर लगवाने की बात की और कहा आपकी नौकरी को दो साल लगेंगे और आपकी छोटी बहन को भी नौकरी लगवा दूंगा। इसके लिए आरोपी ने उससे 20 लाख रुपये मांगे। पिता ने ब्याज पर पैसे का इंतजाम किया। आरोप है कि अंकित फरवरी और जून 2021 में उनके घर आकर 20 लाख रुपये लिए। उसने बहला फुसलाकर 45 लाख रुपये ले लिए। काफी दिन बाद नौकरी नहीं मिलने पर उन्होंने पैसे वापस मांगे लेकिन वह सिर्फ आश्वासन देता रहा। फिर उसने फोन बंद कर दिया। इसकी शिकायत डाबड़ी थाने में की, लेकिन पुलिस ने इसपर कोई कार्रवाई नहीं की। उसके बाद उन्होेंने अदालत में गुहार लगाई। अदालत ने सुनवाई के बाद 13 अप्रैल को डाबड़ी थाने को मामला दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने अदालत के आदेश पर 23 अप्रैल को मामला दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
-अदालत के आदेश के बाद डाबड़ी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच में जुटी
राजीव कुमार
नई दिल्ली। डाबड़ी इलाके में निजी बैंक की सहायक प्रबंधक से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने बैंक के ही लोन विभाग में कार्यरत कर्मचारी पर 45 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने अदालत में गुहार लगाई। अदालत के आदेश के बाद डाबड़ी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।
जानकारी के मुताबिक रीतू सरोया 2020 में बिजवासन के एक्सिस बैंक की शाखा में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत थी। दर्ज प्राथमिकी में रीतू ने बताया कि कुछ माह काम करने के बाद उनकी बात लोन विभाग में काम करने वाले अंकित कटियार से होने लगी। आरोप है कि वह लगातार उसे सरकारी और अच्छी कंपनी के बड़े पद पर नौकरी दिलवाने का आश्वासन देता था। एक दिन उसने फोन कर उसे माइक्रोसॉफ्ट और एचसीएल कंपनी में ऊंचे पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। हामी भरने के बाद वह कई मदों में पैसे की मांग करने लगा। एक बार 35 हजार, दूसरे बार 3.50 लाख रुपये लिए। फिर उसने कई महीने में लगातार पैसे की मांग की। फिर कंपनी के एचआर कर्मी होने का दावा कर उसके सहयोगी व्हाट्सएप मैसेज कर उससे पैसे की मांग करने लगे। आरोपियों ने उससे 25 लाख रुपये लिए। फिर अंकित ने उसकी छोटी बहन को उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की पोस्ट पर लगवाने की बात की और कहा आपकी नौकरी को दो साल लगेंगे और आपकी छोटी बहन को भी नौकरी लगवा दूंगा। इसके लिए आरोपी ने उससे 20 लाख रुपये मांगे। पिता ने ब्याज पर पैसे का इंतजाम किया। आरोप है कि अंकित फरवरी और जून 2021 में उनके घर आकर 20 लाख रुपये लिए। उसने बहला फुसलाकर 45 लाख रुपये ले लिए। काफी दिन बाद नौकरी नहीं मिलने पर उन्होंने पैसे वापस मांगे लेकिन वह सिर्फ आश्वासन देता रहा। फिर उसने फोन बंद कर दिया। इसकी शिकायत डाबड़ी थाने में की, लेकिन पुलिस ने इसपर कोई कार्रवाई नहीं की। उसके बाद उन्होेंने अदालत में गुहार लगाई। अदालत ने सुनवाई के बाद 13 अप्रैल को डाबड़ी थाने को मामला दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने अदालत के आदेश पर 23 अप्रैल को मामला दर्ज कर लिया।
विज्ञापन