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Delhi NCR News: तिहाड़ को बाहरी इलाके में ले जाने की तैयारी तेज, 200 एकड़ जमीन की तलाश
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डीडीए समेत चार एजेंसियों को जमीन आवंटन के प्रस्ताव, नरेला में हाई सिक्योरिटी जेल के साथ दो सामान्य जेल बनाने की भी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। घनी आबादी के बीच स्थित तिहाड़ जेल को दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थानांतरित करने की कवायद तेज हो गई है। दिल्ली सरकार ने नए जेल परिसर के लिए करीब 200 एकड़ जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), मंडलायुक्त कार्यालय, दक्षिण-पश्चिम जिले के जिलाधिकारी और भूमि एवं भवन विभाग को जमीन आवंटन के प्रस्ताव भेजे गए हैं। सरकार अब संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल में जेलों से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान गृह और कारागार विभाग को कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव को जमीन आवंटन के मामले को प्राथमिकता देने और डीडीए के साथ बातचीत कर जल्द समाधान निकालने को कहा है। ऐसे में नए परिसर के लिए जमीन उपलब्ध कराना योजना का सबसे अहम चरण बन गया है।
नरेला की जेल में 200 से ज्यादा कुख्यात अपराधियों को रखने की व्यवस्था होगी
सरकार नरेला में कुख्यात अपराधियों, गिरोहबाजों और गंभीर अपराधों में बंद कैदियों के लिए हाई सिक्योरिटी जेल विकसित कर रही है। इसमें 200 से अधिक कुख्यात अपराधियों को कड़ी सुरक्षा में रखने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, पास ही दो सामान्य जेल बनाने की योजना भी है। नए जेल परिसर के लिए कुल करीब 200 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। इसका उद्देश्य कैदियों को उनकी सुरक्षा जरूरत और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग रखने की व्यवस्था विकसित करना है।
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तिहाड़ के स्थानांतरण के बाद पुनर्विकास पर भी नजर
नए जेल परिसर के निर्माण के साथ तिहाड़ के स्थानांतरण और मौजूदा परिसर के पुनर्विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, स्थानांतरण के बाद तिहाड़ की जमीन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से होगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता नई जेलों के लिए जमीन हासिल करना है। इसके बाद निर्माण और स्थानांतरण की विस्तृत योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। घनी आबादी के बीच स्थित तिहाड़ जेल को दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थानांतरित करने की कवायद तेज हो गई है। दिल्ली सरकार ने नए जेल परिसर के लिए करीब 200 एकड़ जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), मंडलायुक्त कार्यालय, दक्षिण-पश्चिम जिले के जिलाधिकारी और भूमि एवं भवन विभाग को जमीन आवंटन के प्रस्ताव भेजे गए हैं। सरकार अब संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल में जेलों से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान गृह और कारागार विभाग को कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव को जमीन आवंटन के मामले को प्राथमिकता देने और डीडीए के साथ बातचीत कर जल्द समाधान निकालने को कहा है। ऐसे में नए परिसर के लिए जमीन उपलब्ध कराना योजना का सबसे अहम चरण बन गया है।
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नरेला की जेल में 200 से ज्यादा कुख्यात अपराधियों को रखने की व्यवस्था होगी
सरकार नरेला में कुख्यात अपराधियों, गिरोहबाजों और गंभीर अपराधों में बंद कैदियों के लिए हाई सिक्योरिटी जेल विकसित कर रही है। इसमें 200 से अधिक कुख्यात अपराधियों को कड़ी सुरक्षा में रखने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, पास ही दो सामान्य जेल बनाने की योजना भी है। नए जेल परिसर के लिए कुल करीब 200 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। इसका उद्देश्य कैदियों को उनकी सुरक्षा जरूरत और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग रखने की व्यवस्था विकसित करना है।
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तिहाड़ के स्थानांतरण के बाद पुनर्विकास पर भी नजर
नए जेल परिसर के निर्माण के साथ तिहाड़ के स्थानांतरण और मौजूदा परिसर के पुनर्विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, स्थानांतरण के बाद तिहाड़ की जमीन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से होगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता नई जेलों के लिए जमीन हासिल करना है। इसके बाद निर्माण और स्थानांतरण की विस्तृत योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।