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डिजाइन म्यूजियम और रिसर्च सेंटर के जरिये नोएडा बनेगा डिजाइनिंग हब, ऐसे बढ़ रही है मांग
प्रगति मिश्रा, अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 15 Jul 2018 04:07 AM IST
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नोएडा में स्थापित कई डिजाइनिंग स्टूडियो और संस्थानों के चलते अंतरराष्ट्रीय डिजाइनरों को भी अब नोएडा आकर्षित कर रहा है। डिजाइन इंडस्ट्री में बढ़ती मांग और लोगों की इस क्षेत्र के प्रति झुकाव संभावनाओं के दौर को खोल रहा है। जहां एक ओर एकेटीयू जैसे विश्वविद्यालय नोएडा में डिजाइन में मौके बढ़ाने के लिए नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। वहीं, प्राइवेट संस्थान भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। एक प्राइवेट संस्था द्वारा करीब एक साल के अंदर यहां एक डिजाइनिंग म्यूजियम और रिसर्च सेंटर बनाने की तैयारी है।
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एकेटीयू द्वारा नोएडा में यूपी डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट का निर्माण किया गया था। जो एआईटीसीई द्वारा अनुमति प्राप्त देश का पहला डिजाइन संस्थान है। यहां डिजाइन स्टूडियो और लैब का काम शुरू हो चुका है। इसमें डिजाइन में मास्टर कोर्स और पीएचडी कोर्स कराए जा रहे हैं। वहीं, कई प्राइवेट संस्थान भी इस ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
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इस कड़ी में सेक्टर-59 स्थित पर्ल अकादमी द्वारा भी कई अंतरराष्ट्रीय डिजाइनरों एवं संस्थानों के साथ संपर्क किया जा रहा है। स्कूल हेड ऑफ फैशन पर्ल एंटोनियो मोरिजिओ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत को नोएडा बेहद आकर्षित कर रहा है। डिजाइन इंडस्ट्री की बढ़ती मांग को देखते हुए हम यहां डिजाइनिंग म्यूजियम बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसके लिए जरूरी प्रक्रियाओं पर काम शुरू हो चुका है।
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मोरिजिओ के अनुसार, दिल्ली या अन्य शहरों से ज्यादा डिजाइन स्टूडियो नोएडा में हैं। ऐसे में यहां रिसर्च की संभावनाएं अधिक हैं। भारत को डिजाइन इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि नोएडा में डिजाइन रिसर्च सेंटर और म्यूजियम खोला जाए। भारत में डिजाइन म्यूजियम की संख्या बहुत कम हैं, जो हैं वह आम लोगों के लिए नहीं, ज्यादातर अमीर लोगों के प्राइवेट म्यूजियम हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और सरकारों से हम इस दिशा में बात कर रहे हैं।
हम दुनियाभर की डिजाइन इंडस्ट्री से जुड़ी खासियतों को इकट्ठा कर रहे हैं। म्यूजियम बनाने के लिए सरकार की अनुमति ली गई है। जगह के लिए पर्ल अकादमी नोएडा का चुनाव किया गया है। हमारा उद्देश्य भारतीय डिजाइन इंडस्ट्री को दुनिया से और दुनियाभर की डिजाइन पद्धतियों से भारत को रूबरू कराना है। नोएडा के डिजाइनिंग छात्र देश दुनिया में नाम कमा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का असर हर क्षेत्र में दिखता है लेकिन रचनात्मकता ऐसा क्षेत्र है, जिसकी जगह कोई नहीं ले सकता। इसलिए इस क्षेत्र में संभावनाएं अधिक हैं।
यूपी डिजाइन इंस्टीट्यूट के निदेशक, डॉ. विरेंद्र पाठक ने कहा कि डिजाइन का क्षेत्र बेहद संभावनाओं वाला क्षेत्र है। हमारे संस्थान में इस साल मास्टर और पीएचडी कोर्स भी शुरू किए गए हैं। साथ ही प्रैक्टीकल जानकारी देने के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। यहां डिजाइन स्टूडियो, लैब आदि की सुविधाएं दी जा रही हैं। जिससे छात्रों को बेहतर और प्रैक्टीकल जानकारियां हासिल हो सकें।
हम दुनियाभर की डिजाइन इंडस्ट्री से जुड़ी खासियतों को इकट्ठा कर रहे हैं। म्यूजियम बनाने के लिए सरकार की अनुमति ली गई है। जगह के लिए पर्ल अकादमी नोएडा का चुनाव किया गया है। हमारा उद्देश्य भारतीय डिजाइन इंडस्ट्री को दुनिया से और दुनियाभर की डिजाइन पद्धतियों से भारत को रूबरू कराना है। नोएडा के डिजाइनिंग छात्र देश दुनिया में नाम कमा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का असर हर क्षेत्र में दिखता है लेकिन रचनात्मकता ऐसा क्षेत्र है, जिसकी जगह कोई नहीं ले सकता। इसलिए इस क्षेत्र में संभावनाएं अधिक हैं।
यूपी डिजाइन इंस्टीट्यूट के निदेशक, डॉ. विरेंद्र पाठक ने कहा कि डिजाइन का क्षेत्र बेहद संभावनाओं वाला क्षेत्र है। हमारे संस्थान में इस साल मास्टर और पीएचडी कोर्स भी शुरू किए गए हैं। साथ ही प्रैक्टीकल जानकारी देने के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। यहां डिजाइन स्टूडियो, लैब आदि की सुविधाएं दी जा रही हैं। जिससे छात्रों को बेहतर और प्रैक्टीकल जानकारियां हासिल हो सकें।