अगर इन शर्तों को माना तो इस्तीफा दे देंगे प्रशांत-योगेंद्र!
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दिल्ली के सीएम केजरीवाल को बेंगलूरू से लौटे लगभग 36 घंटे हो चुके हैं और इस दौरान पार्टी में भारी डेवलपमेंट देखने में आई है। इसी बीच पार्टी में अलग-थलग पड़े सीनियर नेता प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने अपने इस्तीफे की पेशकश केजरीवाल को कर दी है।
सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों नेताओं ने लेटर में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी समेत तमाम महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफे की कोशिश की है। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कुछ शर्तें रखी हैं जिनके मान लिए जाने पर दोनों तुरंत ही अपना इस्तीफा सौंप देंगे।
हालांकि मीडिया में इस खबर के आने के बाद प्रशांत भूषण ने ऐसे किसी इस्तीफे की पेशकश की बात गलत बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी इस्तीफे की पेशकश नहीं की है। वहीं पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने बोला कि वह इस बारे में तब तक कुछ नहीं कहेंगे जब तक पार्टी यह मसला सुलझा नहीं लेती। और ऐसे सवाल उनसे पूछे जाने चाहिए जिन्होंने इस्तीफे की पेशकश की है।
पत्र में है पार्टी को अधिक लोकतांत्रिक बनाने की मांग
बता दें कि योगेंद्र और प्रशांत के इस लेटर में जिन शर्तों का जिक्र किया है उनमें पार्टी में स्वराज लाना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही निर्णय लेने वाली पीएसी जैसी संस्थाओं का नियमन, पार्टी को आरटीआई के अंतर्गत लाने के साथ ही पार्टी में हुई हर मीटिंग के मिनट्स ऑनलाइन किए जाएं।
इस पत्र में प्रशांत और योगेंद्र ने ये भी मांग की है कि वॉलेंटियरों और पार्टी के अधिकारियों के बीच संपर्क सूत्र स्थापित किए जाएं, पार्टी की राज्य ईकाइयों को स्वायत्तता प्रदान की जाए इसके साथ ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पिछले दो सालों से खाली पड़े 7-8 पदों पर भर्ती इस तरह की जाए जिससे लिंगानुपात में संतुलन लाया जा सके।
प्रशांत और योगेंद्र के इस ताजा पत्र में जो बिंदु उठाए गए हैं वो उन बिंदुओं से मिलते हैं जो उन्होंने 4 मार्च को हुई पार्टी की बैठक से पहले राष्ट्रीय कार्यकारिणी को लिखा था। कहा जा रहा है कि यह पत्र पार्टी के सामने आज सुबह ही रखा गया है और सूत्र बताते हैं कि केजरीवाल और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता की प्रतिक्रियाओं का अभी इंतजार किया जा रहा है।