प्रद्युम्न हत्याकांडः दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे गए रायन के अधिकारी
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प्रद्युम्न केस में गिरफ्तार रायन स्कूल के दो अधिकारियों की आज सोहना कोर्ट में पेशी हुई जिसमें पुलिस ने कहा कि सात साल के मासूम की मौत स्कूल की लापरवाही से हुई है।
पुलिस ने कहा कि स्कूल ने प्रद्युम्न की हत्या के बाद उसके खून के धब्बों को साफ करने की कोशिश की जो सबूत मिटाने का प्रयास है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
#UPDATE Pradyuman death case: #Ryan Int Group's northern zone head Francis Thomas & branch (Bhondsi) coordinator sent on 2-day police remand
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 11, 2017
इससे पहले प्रद्युम्न हत्याकांड के बाद आज बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने फोन पर उसकी मां और चाचा से बात की। उनसे बात कर सीएम नीतीश ने उन्हें सांत्वना दी। वहीं हरियाणा के सीएम खट्टर ने भी प्रद्युम्न के पिता को फोन कर जिस तरह की जांच चाहें वैसी जांच का भरोसा दिया है।
इसके साथ ही नीतीश कुमार ने हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर से बात की। नीतीश ने इस हादसे को लेकर कहा कि यह जघन्य अपराध है। उन्होंने बताया सीएम खट्टर ने इस मामले में दोषी को उचित दंड देने का भरोसा दिलाया है।
वहीं दूसरी तरफ रायन ग्रुप के सीईओ पिंटो ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। बता दें कि हरियाणा पुलिस की एक टीम पिंटो से पूछताछ के लिए मुंबई रवाना हो चुकी है।
इससे पहले रायन इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्कूल के दो अधिकारियों को रविवार देर रात गिरफ्तार किया है। इन अधिकारियों में स्कूल के रीजनल मैनेजर फ्रांसिस थॉमस और एचआर हेड जेयूस थॉमस हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रद्युम्न की हत्या के बाद सस्पेंड की गई प्रिंसिपल की तबीयत खराब हो गई है।
गौरतलब है पूर्व प्रिंसिपल को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। गिरफ्तार किए गए दोनों अधिकारियों को जेजे एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों की पेशी आज सोहना कोर्ट में होगी।
वहीं अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नोएडा स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल के अभिभावक आज स्कूल के बाहर बड़ी संख्या में पहुंचे। अभिभावकों ने प्रदर्शन करते हुए अपने बच्चे की सिक्योरिटी के बारे में पूछा।There were security lapses, one of the reasons for Pradyuman's death says his father as he leaves for Supreme Court #RyanInternationalSchool pic.twitter.com/wBjtseoSXY
— ANI (@ANI) September 11, 2017
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इसके साथ ही रविवार को दिन में प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों और घटना की कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज करने के लिए गुड़गांव पुलिस आयुक्त ने SHO सदर सोहना इंस्पेक्टर अरुण को सस्पेंड कर दिया है। वहीं रायन ग्रुप के मालिकों से पूछताछ करने को पुलिस की एक टीम मुंबई भी रवाना की गई है।
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बताते चलें कि मामले में अब तक आरोपी कंडक्टर अशोक समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए गुरुग्राम रेयान इंटरनेशनल स्कूल के सभी कैंपसों को आज और कल बंद रखने का निर्देश दिया है।
ठेके में आग लगाने के मामले में 11 गिरफ्तार
रायन स्कूल में प्रद्युम्न की हत्या के बाद रविवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों द्वारा ठेके में आग लगाने के मामले में पु्लिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
लोगों का आरोप- पुलिस के उकसावे के बाद लगाई ठेके में आग
भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई मासूम की हत्या के बाद रविवार को प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्कूल के पास बने शराब के ठेके को आग के हवाले कर दिया। लेकिन स्थानीय लोंगों का आरोप है कि ठेके में आग लगाने के लिए पुलिस ने उकसाया था।
उसके बाद ही कुछ असामाजिक तत्वों ने ठेके पर तोड़ फोड़ के बाद आग लगा दी। आग लगने के बाद पुलिस के जवान वहां खड़े होकर नजारा देखते रहे लेकिन आग बुझाने की किसी ने कोशिश नहीं की। जबकि स्कूल से महज 200 मीटर की दूरी पर अग्निशमन विभाग की गाडिय़ां खड़ी थी।
पुलिस ने आग लगाने से पहले ही ठेके पर रहने वाले ठेकेदार को कुछ समय पहले ही ठेके को बंद करके चले जाने को कहा था। स्थानीय लोगों का आरोप लगाए हैं कि कुछ पुलिस जवानों ने वहां खड़े कुछ युवाओं को आग लगाने के लिए उकसाया। पांच से दस लोगों द्वारा ठेके में आग लगाने के बाद जब कुछ लोगों ने बुझाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन पर भी लाठीचार्ज कर दिया।
तीन घंटे बाद आग बुझाने पहुंची फायर बिग्रेड...
क्या बोले लोग-
हम छत पर खड़े होकर देख रहे थे। पुलिस के कुछ जवान ठेके के पास खड़े थे। पुलिस वालों ने वहां खड़े युवाओं से कहा कि स्कूल को बंद करने की बजाय इस बीमारी को ही आग लगा दो। इतना कहते ही वहां मौजूद युवाओं ने वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी और फिर आग लगा दी। लेकिन पुलिस वहां खड़ी-खड़ी नजारा देखती रही।-नवनीत सिंह, स्थानीय निवासी
ठेके को लेकर जरूर स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुकें हैं। लेकिन ठेके को आग लगाने को लेकर लोगों की कोई मंशा नहीं थी। लेकिन पुलिस के कुछ लोगों ने वहां मौजूद युवाओं को ठेके को आग लगाने के लिए उकसाया गया था।-राकेश कुमार, स्थानीय निवासी