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बिजली घोटालाः सरकारी बैंक के बाद प्राइवेट बैंक का आया नाम
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 19 May 2014 05:59 PM IST
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फरीदाबाद बिजली निगम सब-डिवीजन नंबर-दो के चेक घोटाले में एचडीएफसी बैंक का नाम भी सामने आया है। सोमवार को ऑडिट टीम ने जांच पड़ताल के दौरान इस बात की पुष्टि की। जिसके बाद बैंक से हो रही ट्रांजेक्शन को रोक दिया गया।
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ऑडिट टीम ने सोमवार सुबह से सब डिवीजन नंबर दो के खातों की जांच शुरू कर दी। जांच में टीम ने पाया कि डिवीजन के आरोपी तीनों कर्मचारी अकेले ही बैंक को चूना नहीं लगा रहे थे। इसमें संबंधित बैंक से भी कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
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टीम को अधिक संदेह एचडीएफसी बैंक की कार्य प्रक्रिया पर हुआ। जिसके बाद टीम ने स्पष्ट किया कि इस बैंक के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। इसके लिए आला अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
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अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। इसके साथ ही टीम ने एचडीएफसी बैंक और सेंट्रल बैंक आफ इंडिया से हो रही सभी ट्रांजेक्शन को बंद कर दिया गया। टीम अनुसार डिवीजन की बैकिंग का काम (बिजली बिलों का चेक से भुगतान) एनआईटी स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी में होता है।
बिजली निगम के बैकिंग खातों में राशि का मिलान एक जैसा नहीं है। मामले पर विशेष ऑडिट टीम को नियुक्त कर दिया गया है।
एसई आरएस यादव ने बताया कि टीम द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जो जानकारी उनके पास उपलब्ध है वह टीम को मुहैया करवाई जा रही है। मामला संवेदनशील है और आला अधिकारियों के पास विचाराधीन है। स्थानीय स्तर पर वह कुछ कहने के लिए अधिकृत नहीं हैं।