दिल्ली में BJP सरकार पर नया खुलासा
दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर हुए ताजा सर्वे में पता चला है कि दिल्ली के दो तिहाई यानि कि 90 फीसदी लोग नहीं चाहते हैं कि भाजपा जोड़तोड़ से सरकार बनाए। लोगों का मानना है कि भाजपा को चुनाव के लिए जाना चाहिए।
दरअसल, दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगे हुए छह महीने से अधिक हो चुके हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः सज्ञान लेते हुए आगामी नौ सितंबर तक दिल्ली के उपराज्यपाल और केंद्र सरकार से मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
इसी के मद्दनजर बृहस्पतिवार को एलजी ने राष्ट्रपति को चिट्ठी भेजकर दिल्ली में भाजपा को सरकार बनाने का मौका देने की सिफारिश की। इसके बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल बढ़ गई और जल्द ही भाजपा सरकार बन जाने के कयास लगाए जाने लगे।
ऐसे में सर्वे एजेंसी सी वोटर्स ने अंग्रेजी अखबार दि टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए शुक्रवार को दिल्ली के 1038 लोगों पर सर्वे किया। जिसमें 90 फीसदी के लोगों ने चुनाव कराने के पक्ष में मत रखा।
केजरीवाल की लोकप्रियता घटी
सर्वे के मुताबिक आप नेता अरविंद केजरीवाल की दिल्ली में लोकप्रियता घट गई है। हालांकि मुख्यमंत्री के तौर पर अब वह लोगों की पहली पसंद हैं। उनके बाद भाजपा नेता हर्षवर्धन को लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे योग्य बताया है। केजरीवाल को लगभग 34, जबकि हर्षवर्धन को करीब 17 प्रतिशत लोग मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं।
साथ ही दिल्ली की समस्याओं को लेकर भी लोगों की राय बदली है। अब महंगाई को (26%), बिजली (16%), पानी (14%) और भ्रष्टाचार (12%) को दिल्ली की समस्या के तौर पर देख रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले चुनावों में बिजली-पानी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही आप ने कांग्रेस को घेरा था और पहली बार चुनाव लड़ते हुए 28 सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि बाद में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही 49 दिनों बाद इस्तीफा दे दिया।