नेपाली लड़कियों को लाने वाले को तलाश रही पुलिस
मानव तस्करी के खिलाफ काम करने वाली जन शक्ति वाहिनी के निदेशक रविकांत ने बताया कि यदि कोई 30 वर्ष से कम उम्र की लड़की नेपाल के त्रिभुवन एयरपोर्ट से खाड़ी देशों में जाना चाहती है तो उसके परिवार का साथ रहना जरूरी है।
इस नियम की वजह से लड़कियों को वहां के एजेंट भारत के एजेंटों के हवाले कर देते हैं। यहां इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इन्हें खाड़ी देशों में भेजा जाता है।
नेपाल ही नहीं बांग्लादेश, उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान की युवतियों को भी भारत लाकर दूसरे देशों में भेजा जाता है। पुलिस को अब अनवर नाम के एजेंट की तलाश है।
कल्पना नाम के एजेंट ने अनवर को बेंचा था
यह वही एजेंट है जिसके माध्यम से दोनों पीड़ित महिलाएं पहले सऊदी अरब के जेद्दा और फिर वहां से गुड़गांव लाई गईं। नेपाल से कल्पना नामक एजेंट ने दक्षिण भारत के रहने वाले अनवर को इन्हें एक लाख रुपये में बेचा था।
कल्पना पर कार्रवाई के लिए मैती इंडिया के प्रतिनिधि नेपाल सरकार पर दबाव बनाएंगे, जबकि अनवर की घेराबंदी में यहां की पुलिस जुटी हुई है।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, अनवर का ठिकाना दिल्ली में बताया गया है। वह यहां से सुंदर नेपाली लड़कियों को खाड़ी देशों में भेज देता था, जबकि अन्य को दिल्ली-एनसीआर व अन्य जगहों पर भेजता था।