गिरोह का मुखिया बनने को मुखलाल ने की दूसरी शादी: साढ़ू और साले संग बनाया गैंग, एक ही घर में तीन बार की चोरी?
एसीपी रवि कुमार सिंह ने बताया कि मुखलाल गिरोह का सरगना है। पिछले साल जुलाई में जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना गिरोह बनाने के लिए दूसरी शादी की। दूसरी शादी करने के बाद उसने रिश्तेदारों के साथ गिरोह बना लिया और लूट व चोरी करने लगा।
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दिल्ली-एनसीआर में बंद घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह के तीन चोर और एक सुनार को नंदग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह के शातिरों ने 22 से 26 जुलाई के बीच नंदग्राम क्षेत्र निवासी सौरभ के मकान में तीन बार चोरी की थी। पुलिस ने इनके पास से चोरी किया 1.5 लाख की कीमत का सामान बरामद किया है। गिरोह के सरगना मुखलाल पर गाजियाबाद और मेरठ में 42 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 36 मुकदमे चोरी के हैं। मुखलाल ने पिछले साल जुलाई में जेल से बाहर आने के बाद अपना गिरोह बनाने के लिए दूसरी शादी की।
डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए शातिर फैजाबाद के मवई चौराहा निवासी मुखलाल, मधुबन बापूधाम के गुलधर निवासी रवि, बुलंदशहर के छतारी के गांव भिकमपुर निवासी करन और मुरादनगर के डिफेंस कॉलोनी निवासी हरि गोपाल वर्मा उर्फ मिंटू है। मुखलाल हाल में गाजियाबाद में अटौर गांव में और करन क्रॉसिंग रिपब्लिक के भीमनगर में रह रहा है। मुखलाल गिरोह का सरगना है और हरि गोपाल सुनार है।
पूछताछ में मुखलाल ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर सुनसान इलाकों में खाली मकानों की रेकी करके मौका देखकर चोरी करते हैं और कबाड़ी व सुनार को बेच देते हैं। डीसीपी ने बताया कि मुखलाल 2007 से लूट व चोरी की वारदात कर रहा है। वह चार बार जेल जा चुका है। मुखलाल पर गैंगस्टर की कार्रवाई के साथ कुर्की भी की जा चुकी है। इनका साथी रफीक अभी फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है।
गिरोह बनाने की लिए की दूसरी शादी
एसीपी रवि कुमार सिंह ने बताया कि मुखलाल गिरोह का सरगना है। पिछले साल जुलाई में जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना गिरोह बनाने के लिए दूसरी शादी की। दूसरी शादी करने के बाद उसने अपने साले रवि और साढ़ू रफीक के साथ मिलकर गिरोह बना लिया और लूट व चोरी करने लगा।