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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Pneumonia can be dangerous, do not ignore the signs of cough and cold.

Delhi NCR News: खतरनाक हो सकता है निमोनिया, खांसी-जुकाम के संकेतों को न करें नजरअंदाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 08:34 PM IST
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-समय रहते इसके लक्षणों की पहचान न होने पर यह लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को प्रभावित कर जानलेवा भी बन सकता है
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। निमोनिया एक गंभीर फेफड़ों का संक्रमण है, जो अक्सर साधारण सर्दी-जुकाम या हल्की खांसी से शुरू होकर तेजी से खतरनाक रूप ले सकता है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान न होने पर यह लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को प्रभावित कर जानलेवा भी बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, खांसी के प्रकार, ऑक्सीजन लेवल और सांस से जुड़े संकेतों के आधार पर इसकी गंभीरता को समझा जा सकता है।



सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. ज्ञानेंद्र अग्रवाल के अनुसार, निमोनिया को साइलेंट खतरा भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी शुरुआत सामान्य लक्षणों से होती है, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर संक्रमण का कारण बनती है। उन्होंने बताया कि निमोनिया की शुरुआत में नाक बहना, हल्का बुखार और गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ये आम फ्लू जैसे लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते। लेकिन संक्रमण बढ़ने पर यह फेफड़ों तक पहुंच जाता है।
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खांसी में बदलाव है अहम संकेत : जीटीबी अस्पताल की एसोसिएट प्रोफेसर, श्वसन चिकित्सा विभाग की डॉ. अंकिता गुप्ता के अनुसार, जैसे-जैसे निमोनिया बढ़ता है, खांसी का स्वरूप बदलने लगता है। सामान्य जुकाम में सूखी खांसी होती है, जबकि निमोनिया में लगातार और तेज खांसी के साथ गाढ़ा बलगम निकलता है। यदि बलगम का रंग हरा, पीला या जंग जैसा हो या उसमें खून दिखाई दे, तो यह फेफड़ों में संक्रमण बढ़ने का संकेत हो सकता है।
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ऑक्सीजन लेवल पर रखें नजर : डॉक्टर के अनुसार, पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से खून में ऑक्सीजन का स्तर मापा जा सकता है। सामान्य स्थिति में यह 95 फीसदी या उससे अधिक होना चाहिए। यदि यह स्तर 90-92 फीसदी से नीचे जाता है, तो यह गंभीर स्थिति मानी जाती है और तुरंत चिकित्सा सहायता जरूरी हो जाती है।

सांस लेने में दिक्कत और सीने में दर्द : निमोनिया के बढ़ने पर सांस फूलना शुरू हो जाता है, खासकर हल्की गतिविधियों के दौरान। गंभीर स्थिति में यह समस्या बढ़ जाती है और सीने में तेज, चुभने वाला दर्द महसूस हो सकता है, जो खांसने या सांस लेने पर बढ़ता है।


तेज बुखार और कमजोरी भी संकेत : तेज बुखार के साथ ठंड लगना, अत्यधिक थकान, कमजोरी और कुछ मामलों में भ्रम (कंफ्यूजन) होना भी निमोनिया के गंभीर लक्षण हो सकते हैं। यह शरीर के संक्रमण से लड़ने की प्रतिक्रिया को दर्शाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय पर जांच और इलाज से निमोनिया को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
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