PM नहीं बोले पर पीएमओ ने गृहसचिव से मांगी दादरी की रिपोर्ट
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दादरी घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की विपक्ष की ओर से लगातार चल रही मांग के बीच गृह सचिव ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को घटना की पूरी जानकारी दी है।
गृहसचिव राजीव महर्षि ने मंगलवार देर शाम प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश सरकार की भेजी गई रिपोर्ट का ब्योरा भी दिया है।
सूत्रों के मुताबिक पीएमओ ने गृहमंत्रालय से सांप्रदायिक हिंसा पर अपनी चिंता जाहिर की है। मंत्रालय ने दो दिन पहले सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी किया था।
यूपी सरकार की रिपोर्ट से केंद्र नहीं है संतुष्ट
गृह मंत्री राजनाथ सिंह पिछले दो दिनों से कई बार कह चुके हैं कि देश में सांप्रदायिक गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है दादरी घटना की उत्तर प्रदेश सरकार की भेजी गई रिपोर्ट से केंद्र संतुष्ट नहीं है।
रिपोर्ट में उस गोमांस का कोई जिक्र नहीं है जिसके सेवन की अफवाह के चलते करीब 200 लोगों की भीड़ ने 50 वर्षीय इकलाख को मार डाला। इस रिपोर्ट में सिर्फ घटनाक्रम का ब्योरा है जिसे मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर तैयार किया गया है।
इसमें घटना के पीछे की साजिश और इसके लिए जिम्मेदार संवेदनशील माहौल का कोई जिक्र नहीं है। ना ही भीड़ को भड़काने वाले लोगों की बात कही गई है।
गृहमंत्रालय सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिबंधित पशु के मांस के खाने की अपुष्ट सूचना पर भीड़ ने इकलाख और उसके बेटे पर हमला किया। गृहमंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने रिपोर्ट भेजने की सिर्फ औपचारिकता पूरी की है।
माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बिसाहड़ा कांड के सिलसिले में एक बार फिर टिप्पणी की है। बुधवार को एक कार्यक्रम के बाद जब उनसे इस घटना पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्री के अनुसार मामला चाहे राज्य सरकार से जुड़ा हो या केंद्र से, माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कड़ा कदम उठाया जाएगा। राजनाथ ने एक दिन पहले भी दादरी की घटना पर दुख जताते हुए लोगों से सौहार्द बनाए रखने की अपील की थी।
उन्होंने कहा था कि यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं सभी नागरिकों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं। यह हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी और सुझाव दिया था कि ऐसे इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटना फिर न हो।
केंद्र सरकार ने भी इस पर चिंता जताते हुए सभी राज्यों को उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा था, जो धार्मिक भावनाएं आहत कर देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को कमजोर करना चाहते हैं।