{"_id":"6ac7baaa3495a188f303d5ce","slug":"plans-to-sell-only-electric-cars-in-delhi-ncr-from-2031-delhi-ncr-news-c-503-1-del1005-1751-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: 2031 से दिल्ली-एनसीआर में केवल इलेक्ट्रिक कारें बेचने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: 2031 से दिल्ली-एनसीआर में केवल इलेक्ट्रिक कारें बेचने की तैयारी
विज्ञापन
-2027 तक नई कार में 20 प्रतिशत, 2028 तक 45 प्रतिशत और 2029 तक 70 प्रतिशत कारें इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए पेट्रोल और डीजल वाहनों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाने की तैयारी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की विशेषज्ञ समिति ने एक रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और आने वाले वर्षों में पेट्रोल-डीजल वाहनों की बिक्री पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में नई निजी कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके तहत 2027 तक नई कारों में 20 प्रतिशत, 2028 तक 45 प्रतिशत और 2029 तक 70 प्रतिशत कारें इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 1 जनवरी 2031 से दिल्ली-एनसीआर में नई पेट्रोल और डीजल निजी कारों की बिक्री बंद करने और केवल इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री की अनुमति देने की सिफारिश की गई है।
समिति ने केवल निजी कारों तक ही बदलाव सीमित रखने का सुझाव नहीं दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक, 1 अप्रैल 2027 से नए ऑटो, दोपहिया टैक्सी, डिलीवरी वाहन और हल्के मालवाहक वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी में करने की सिफारिश है। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से नई कैब-टैक्सी, बस और गैर-परिवहन दोपहिया वाहनों को भी इलेक्ट्रिक करने का प्रस्ताव है। मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को भी 2031-32 तक चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक करने की योजना सुझाई गई है।
पुराने वाहनों पर भी सख्ती
प्रदूषण कम करने के लिए पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को भी धीरे-धीरे सड़कों से हटाने का प्रस्ताव है। समिति ने बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 वाहनों को हटाने की सिफारिश की है। बीएस-4 वाहनों को भी 2030 तक चरणबद्ध तरीके से बाहर करने का प्रस्ताव है। सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने के दौरान बीएस-4 वाहनों के इस्तेमाल पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया गया है। वहीं, बीएस-6 दोपहिया वाहनों को 2035 और चार पहिया वाहनों को 2040 तक चरणबद्ध तरीके से हटाने की सिफारिश की गई है।
विज्ञापन
घर में चार्जर लगाने के लिए आसान नियम
रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए चार्जिंग की सुविधा आसान बनाने पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत सोसायटी में अपनी तय पार्किंग की जगह पर ईवी चार्जर लगाने के लिए आरडब्ल्यूए की एनओसी की जरूरत खत्म करने का प्रस्ताव है। इसके लिए केवल सूचना देना पर्याप्त होगा। बिजली वितरण कंपनियों को भी ईवी चार्जिंग के लिए कनेक्शन की मांग मिलने के बाद 15 दिन के भीतर कनेक्शन देने की सिफारिश की गई है।
ईवी खरीदने पर मिल सकती है आर्थिक मदद
लोगों को पेट्रोल-डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देने का भी प्रस्ताव है। पुरानी गाड़ी स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक कार या टैक्सी खरीदने पर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि और एक लाख रुपये तक का स्क्रैपेज बोनस देने की सिफारिश की गई है। इसी तरह इलेक्ट्रिक ऑटो पर 50 हजार रुपये और इलेक्ट्रिक दोपहिया पर 30 हजार रुपये तक की सहायता का प्रस्ताव है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए पेट्रोल और डीजल वाहनों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाने की तैयारी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की विशेषज्ञ समिति ने एक रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और आने वाले वर्षों में पेट्रोल-डीजल वाहनों की बिक्री पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में नई निजी कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके तहत 2027 तक नई कारों में 20 प्रतिशत, 2028 तक 45 प्रतिशत और 2029 तक 70 प्रतिशत कारें इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 1 जनवरी 2031 से दिल्ली-एनसीआर में नई पेट्रोल और डीजल निजी कारों की बिक्री बंद करने और केवल इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री की अनुमति देने की सिफारिश की गई है।
समिति ने केवल निजी कारों तक ही बदलाव सीमित रखने का सुझाव नहीं दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक, 1 अप्रैल 2027 से नए ऑटो, दोपहिया टैक्सी, डिलीवरी वाहन और हल्के मालवाहक वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी में करने की सिफारिश है। वहीं, 1 अप्रैल 2028 से नई कैब-टैक्सी, बस और गैर-परिवहन दोपहिया वाहनों को भी इलेक्ट्रिक करने का प्रस्ताव है। मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को भी 2031-32 तक चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक करने की योजना सुझाई गई है।
विज्ञापन
पुराने वाहनों पर भी सख्ती
प्रदूषण कम करने के लिए पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को भी धीरे-धीरे सड़कों से हटाने का प्रस्ताव है। समिति ने बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 वाहनों को हटाने की सिफारिश की है। बीएस-4 वाहनों को भी 2030 तक चरणबद्ध तरीके से बाहर करने का प्रस्ताव है। सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने के दौरान बीएस-4 वाहनों के इस्तेमाल पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया गया है। वहीं, बीएस-6 दोपहिया वाहनों को 2035 और चार पहिया वाहनों को 2040 तक चरणबद्ध तरीके से हटाने की सिफारिश की गई है।
विज्ञापन
घर में चार्जर लगाने के लिए आसान नियम
रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए चार्जिंग की सुविधा आसान बनाने पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत सोसायटी में अपनी तय पार्किंग की जगह पर ईवी चार्जर लगाने के लिए आरडब्ल्यूए की एनओसी की जरूरत खत्म करने का प्रस्ताव है। इसके लिए केवल सूचना देना पर्याप्त होगा। बिजली वितरण कंपनियों को भी ईवी चार्जिंग के लिए कनेक्शन की मांग मिलने के बाद 15 दिन के भीतर कनेक्शन देने की सिफारिश की गई है।
ईवी खरीदने पर मिल सकती है आर्थिक मदद
लोगों को पेट्रोल-डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देने का भी प्रस्ताव है। पुरानी गाड़ी स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक कार या टैक्सी खरीदने पर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि और एक लाख रुपये तक का स्क्रैपेज बोनस देने की सिफारिश की गई है। इसी तरह इलेक्ट्रिक ऑटो पर 50 हजार रुपये और इलेक्ट्रिक दोपहिया पर 30 हजार रुपये तक की सहायता का प्रस्ताव है।