{"_id":"5ed454ec7f2a1447cf5ee2cf","slug":"pinjara-tod-group-member-devangana-sent-on-three-days-remand","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिंजरा तोड़ ग्रुप की सदस्य देवांगना को तीन दिन के रिमांड पर भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिंजरा तोड़ ग्रुप की सदस्य देवांगना को तीन दिन के रिमांड पर भेजा
Mon, 01 Jun 2020 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 01 Jun 2020 06:37 AM IST
सार
- कलीता पर संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में दरियागंज इलाके में हुई हिंसा में लिप्त होने का आरोप है।
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देवांगना कलीता को न्यायिक हिरासत से गिरफ्तार किया है
- पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कलीता के खिलाफ यह तीसरा मामला है, जिसमें उसे गिरफ्तार किया है
विज्ञापन
देवांगना कलीता
- फोटो : अमर उजाला1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अदालत ने पिंजरा तोड़ संगठन की महिला सदस्य देवांगना कलीता को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उसे शनिवार को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया था। कलीता पर संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में दरियागंज इलाके में हुई हिंसा में लिप्त होने का आरोप है।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देवांगना कलीता को न्यायिक हिरासत से गिरफ्तार किया है। इससे पहले उसे कोर्ट ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था और इस दौरान वह मंडोली जेल में बंद थीं।
विज्ञापन
न्यायिक हिरासत समाप्त होने के बाद पुलिस ने कलीता को जेल परिसर स्थित ड्यूटी एमएम के समक्ष पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
विज्ञापन
इस बीच पुलिस ने ड्यूटी एमएम के समक्ष दावा किया कि दिसंबर में दरियागंज इलाके में हुई हिंसा के संबंध में कलीता के खिलाफ उनके पास पर्याप्त सबूत हैं। इस दौरान एक कार को आग लगा दी गई थी और पथराव किया गया था।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कलीता के खिलाफ यह तीसरा मामला है, जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ इससे पहले भी दो मामलें दर्ज हैं। पहला मामला जाफराबाद पुलिस ने अवैध प्रदर्शन को लेकर दर्ज किया था, जबकि दूसरा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान हिंसा भड़काने के संबंध में दर्ज किया था।