{"_id":"5ee1f2bea353255316037975","slug":"pil-filed-in-delhi-high-court-to-direct-delhi-government-to-implement-lockdown-in-delhi-strictly","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में सख्ती से लॉकडाउन लागू करने के लिए अदालत में जनहित याचिका दायर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली में सख्ती से लॉकडाउन लागू करने के लिए अदालत में जनहित याचिका दायर
Thu, 11 Jun 2020 02:30 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 11 Jun 2020 02:30 PM IST
विज्ञापन
delhi high court
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों के मद्देजनर आप सरकार को यहां सख्ती से लॉकडाउन लागू करने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है।
विज्ञापन
वकील अनिर्बान मंडल और उनके कर्मी पवन कुमार द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने स्वयं स्वीकार किया है कि राष्ट्रीय राजधानी में जून के अंत तक कोरोना वायरस संक्रमण के करीब एक लाख मामले सामने आएंगे और जुलाई के मध्य तक करीब 2.25 लाख एवं जुलाई के अंत तक 5.5 लाख मामले सामने आने की आशंका है।
विज्ञापन
याचिका में दिल्ली सरकार को यह निर्देश देने की अपील की गई है कि वह चिकित्सकों, चिकित्सकीय विशेषज्ञों और महामारी रोग विशेषज्ञों की एक विशेषज्ञ समिति गठित करने पर विचार करे ताकि संक्रमण को काबू करने की योजना का विस्तृत खाका तैयार किया जा सके।
विज्ञापन
याचिकाकर्ताओं ने लॉकडाउन लागू किए जाने का अनुरोध करते हुए कहा है कि पहले लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान संक्रमण के मामले बढ़ने की दर कम थी।
याचिका में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में लोगों के आवागमन और सार्वजनिक परिवहन सेवा पुन: आरंभ करने, धार्मिक स्थल, मॉल, रेस्तरां और होटल खोलने जैसी गतिविधियों की अनुमति देने से ‘वायरस का संक्रमण तेजी से फैला है जिसके कारण कोरोना वायरस के रोजाना सामने आने वाले मामलों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है’।
याचिका में अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तरों, वेंटिलेटरों, आईसीयू वार्डों एवं जांच केंद्रों की कमी का भी दावा किया गया है।