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एम्स की रिपोर्ट: डिब्बाबंद खाने से खराब हो रही सेहत की संजीवनी, पाचनतंत्र में आती है खराबी; कैंसर की भी आशंका

Tue, 05 Dec 2023 07:11 AM IST
विजय पुंडीर राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 05 Dec 2023 07:11 AM IST
सार

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विभाग के मरीजों की जांच में संकेत मिले हैं कि डिब्बाबंद खाना प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया को बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहा है। एम्स विशेषज्ञों का कहना है कि अब विभाग इस पर विस्तृत अध्ययन करने जा रहा है।

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People's health is deteriorating due to canned food
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

डिब्बा बंद खाना शरीर में सेहत की संजीवनी के नाम से मशहूर प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके नियमित इस्तेमाल से भोजन को पचाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले इस बैक्टीरिया का खात्मा हो जाता है। नतीजतन पेट संबंधी बीमारियां घर करने लगती हैं। आशंका कैंसर सरीखे गंभीर रोगों तक की बनती है। इसका खुलासा एम्स की एक लैब रिपोर्ट से हुआ है।

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गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विभाग के मरीजों की जांच में संकेत मिले हैं कि डिब्बाबंद खाना प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया को बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहा है। एम्स विशेषज्ञों का कहना है कि अब विभाग इस पर विस्तृत अध्ययन करने जा रहा है। इसके बाद हालात की भयावहता की असल तस्वीर सामने आएगी। दरअसल, प्रोबायोटिक्स को गुड बैक्टीरिया माना जाता है। इनका काम भोजन को पचाने के साथ उनमें से पोषक तत्व को निकाल कर शरीर के अलग-अलग अंगों तक पहुंचाना है, जबकि प्रोसेस्ड फूड यानी डिब्बाबंद खाने में मौजूद हाई फैट, हाई शुगर इन्हीं बैक्टीरिया को मार देता है। इससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। ऐसा होने पर पौष्टिक आहार खाने के बावजूद शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। इससे पेट से जुड़ी बीमारियां शुरू होती है। पहले शरीर में सूजन और धीरे-धीरे व्यक्ति में मधुमेह, रक्तचाप, फेफड़ों का इंफेक्शन, कैंसर, न्यूरो समस्या सहित अन्य परेशानियां शुरू होने लगती है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया न केवल खाने से पोषक तत्व को ग्रहण करती है, बल्कि ओरल तरीके से लेने वाले दवा के अणु को भी शरीर के उक्त अंग तक प्रभावित रूप में पहुंचाने में मदद करते हैं। इनके अभाव में शरीर के मुख्य क्रियाएं प्रभावित होती हैं जो आगे चलकर गंभीर रोगों का कारण बन सकती है।

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एम्स के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. निहार रंजन दास ने कहा कि प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया की जानकारी के लिए एम्स में व्याख्यान का आयोजन कर इसके बचाव के बारे में जानकारी दी गई। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए प्रोसेस्ड फूड से दूर रहना चाहिए। इसमें भोजन का स्वरूप बदल जाता है और उसके पोषक तत्व भी खत्म हो जाते हैं। जो पेट व आंत में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया मार देता है। जबकि इनकी मदद से शरीर की क्रियाएं चलती हैं। पेट यदि स्वस्थ रहेगा तो शरीर के बाकी अंग भी ठीक से काम करेंगे। यदि पेट बीमार हुआ तो शरीर में बाकी बीमारियां भी घर करने लगेगी।

करता है मोटापा, एलर्जी से बचाव
शरीर में प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया की मौजूदगी न केवल शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है, बल्कि इसकी मदद से मोटापा, एलर्जी जैसे अन्य समस्याओं को भी रोका जा सकता है। प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया तत्वों को खत्म करने में मदद करता है जिसके कारण शरीर में मोटापा, एलर्जी होने के कारण बनते हैं। इसके अलावा यह सीधे हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही शरीर में होने वाले कई तरह के बैक्टीरियल इंफेक्शन को भी रोकने में मदद करता है।

इन खाने से बचे
जंग फूड, मोमोज, नूडल्स, फ्राई राइस, पहले से बना हुआ खाना

मेडिकल थेरेपी का है हिस्सा
डॉक्टरों का कहना है कि प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया मेडिकल थेरेपी का एक हिस्सा भी है। जब व्यक्ति को डायरिया सहित अन्य रोग हो जाते हैं तो पेट को ठीक करने के लिए दवाओं के साथ प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया भी दिए जाते हैं। इनकी मदद से रोग जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। इनके अभाव से शरीर में जरूरी माइक्रो न्यूट्रिशन की मात्रा भी प्रभावित होने लगती है।

फिर से हो सकता है ठीक
शरीर से प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया खत्म होने के बाद भी इन्हें फिर से ठीक किया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया युक्त दही, दूध व अन्य खाद्य वस्तु लेने से यह फिर से ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा कई तरह की दवा व अन्य वस्तु भी मिलते हैं जो इन्हें फिर से ठीक कर सकते हैं।

किया जाएगा अध्ययन
प्रोबायोटिक्स बैक्टीरिया के अभाव से शरीर में होने वाले नुकसान को लेकर बड़े स्तर पर अध्ययन किया जाएगा। साथ ही इसमें देखा जाएगा कि यह शरीर में किस-किस तरह की परेशानी हो रही है। कौन सा अंग ज्यादा प्रभावित होता है और इन्हें कैसे रोका जा सकता है।

इनमें दिक्कत ज्यादा
मोटापा, पेट खराब, बीपी, मधुमेह
खराब लाइफ स्टाइल
 जंक फूड खाने वाले

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