ईद पर दुखी 12वीं के छात्र अजीमुद्दीन ने कहा, हमें भी वही प्यार व इज्जत चाहिए जो...
जुनैद हत्याकांड
काली पट्टी बांधकर पढ़ी ईद की नमाज, फीकी रही खंदावली की ईद
अमर उजाला ब्यूरो
बल्लभगढ़।
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जुनैद की मौत ने खंदावली की ईद को फीका कर दिया। इस बार गांव में न तो कोई रिश्तेदार आया और न ही पड़ोसी। अधिकांश घरों में खीर, सिवईयां नहीं बन पाई। दबी जुबां में लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर काम चलाया।
दोषियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज लोगों ने काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज अदा की। शोकग्रस्त परिवार को सांत्वना देने के लिए पूरे दिन बाहरी लोगों का आना-जाना रहा।
विधायक टेकचंद शर्मा ने मौके पर पहुंचकर मनोहर सरकार के सहयोग का वादा दोहराया और काली पट्टी न बांधने की बात कही। हालांकि, लोगों ने काली पट्टी हटाने से इनकार कर दिया। एक सुर में लोगों ने दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
हमारे लिवास को देख क्यों तरेरने लगी हैं आंखे
घटना को लेकर युवाओं में खासी नाराजगी थी। युवाओं का कहना था कि ईद से कुछ दिन से पहले ही वे त्योहार को मनाने के लिए खरीदारी में जुट जाते हैं। लोग खुशियों के इस त्योहार को और खुशनुमा बनाने की फिराक में जुटे रहते हैं और अपने रिश्तेदारों संग खरीदारी करते हैं।
जुनैद की मौत ने ईद की खुशियों को गम में बदल गया। इस गमगीन पल में कैसे ईद मनाएं। 12वीं कक्षा के अजीमुद्दीन, तसलीम, मोहम्मद बुरहान, इरफान ने कहा कि हम सभी भारतीय है, भारत के लिए जीते है लेकिन हम जहां जाते हैं लोग हमारी शक्ल, हमारे पहनावे को देखते ही आंखें तरेरने लगते हैं।
आंशिक ही सही, उनके मन में एक अलग तरह की सोच पनपने लगती है। लोगों को यह सोच बदलनी चाहिए। हमें भी वही प्यार व इज्जत चाहिए जो वे अपनों को देते है।