नियम तोड़ने पर हुआ 96 हजार चालान, 1.28 करोड़ का लगा जुर्माना, फिर भी नहीं सुधर रहे लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की सीमा में प्रवेश करते ही वाहन चालकों के दिमाग से यातायात नियमों का खौफ छू मंतर हो जाता है। इसे जागरूकता की कमी कहा जाए या फिर पुलिस की लापरवाही। वजह चाहें जो भी हो, लेकिन जिले की ट्रैफिक पुलिस की छमाही रिपोर्ट के आंकड़े तो कम से कम यही बयां कर रहे हैं। इस साल की पहली छमाही में ही 96 हजार से ज्यादा वाहनों के चालान काट दिए गए। 1.28 करोड़ रुपये से ज्यादा जुर्माना वसूला गया। इसके बाद भी शहर में ट्रैफिक के हालात बद से बदतर बने हुए हैं।
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दिल्ली की तर्ज पर बताने का दावा करने वाली ट्रैफिक पुलिस रोजाना औसत 250 वाहन चालकों के चालान काट रही है। इस साल मोबाइल एप और ई-चालान भी शुरू किया जा चुका है। इसके बाद भी सड़कों पर हालात जस के तस बने हुए हैं। हर माह सबसे ज्यादा चालान ओवर स्पीड के काटे जा रहे हैं जबकि बिना हेलमेट लगाए दुपहिया चलाने वाले दूसरे पायदान पर हैं। चार पहिया वाहन में बैठे लोग सीट बेल्ट लगाना पसंद नहीं करते, सबसे ज्यादा चालान काटे जाने की श्रेणी में सीट बेल्ट न लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले तीसरे नंबर पर हैं।
बढ़ रहा जुर्माना, असर कहीं नहीं
जुर्माना वसूलने में ट्रैफिक पुलिस लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। पिछले वर्ष पहली छमाही यानी जून में 56219 वाहनों के चालान काटकर लगभग 1 करोड़ जुर्माना वसूला था। इस साल जून तक 96765 वाहनों के चालान काटे जा चुके हैं और 1.28 करोड़ रुपये से ज्यादा जुर्माना वसूला गया है। इसके बाद भी लोग बेखौफ यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
कार वाले सबसे ज्यादा लापरवाह
दिल्ली में लोग ट्रैफिक नियमों को तोड़ने से डरते हैं और नोएडा में नियम तोड़ना लोगों की आदत बन चुका है। हाईटेक शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियम रौंदने वालों में कार वाले सबसे आगे हैं। पहली छमाही के आंकड़ों पर गौर करें तो 55386 चालान कार के काटे गए हैं, जबकि 33580 चालान दुपहिया के काटे गए हैं। यानी शहर की यातायात व्यवस्था बिगाड़ने के लिए बदनाम ऑटावालों से ज्यादा कार और दुपहिया वाले लापरवाह पाए गए हैं। 5152 बेलगाम ऑटो के चालान काटे गए।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा हो या यमुना एक्सप्रेसवे। तमाम कोशिशों के बावजूद जानलेवा रफ्तार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। महीने दर महीने ओवर स्पीड वाहनों के चालान का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। पुलिस की सख्ती के बावजूद एक्सप्रेसवे फार्मूला-1 ट्रैक बने हुए हैं।
सीओ ट्रैफिक सतीश कुमार ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि शहर में ट्रैफिक का फ्लो बना रहे और दुर्घटनाओं में कमी आए। इसके लिए लोगों में जागरूकता भी बेहद जरूरी है। वाहन चलाते समय जिम्मेदारी पूर्वक नियमों का पालन करना चाहिए।
कब कितने कटे चालान
जनवरी 8822
फरवरी 11451
मार्च 15519
अप्रैल 13017
मई 25427
जून 22529