छावला कैंप: निगेटिव रिपोर्ट मिलते ही झूम उठे लोग, दिया सरकार और सेना को धन्यवाद
शुक्रवार सुबह जब कैंप में इन लोगों को बताया गया कि कोरोना की दूसरी जांच रिपोर्ट भी निगेटिव मिली है तो इन लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई अपनी घर वापसी की तैयारियों में जुट गया। 16वें दिन इन सभी लोगों ने सर्टिफिकेट लेने के बाद अपने-अपने घर के लिए प्रस्थान किया।
बांग्लादेश निवासी सिमरन बार-बार भारत सरकार और जवानों की तारीफ करते थक नहीं रही थीं। वे कह रही थीं कि कैंप में उन्हें घर जैसा ही लगा। यहां लोगों के साथ उन्होंने कैरम खेला, हरियाणवी गानों पर खूब डांस किया। वहीं चीन निवासी मियानी कहती हैं कि वे भारत सरकार की जितनी भी सराहना करें, उतनी कम है। उन्होंने कैंप में आने के बाद भारतीय चाय का स्वाद चखा। तरह-तरह की सब्जियां खाईं और उन्हें सबसे ज्यादा दाल का स्वाद पसंद आया।
दरअसल चीन के वुहान से 112 लोगों को भारत लाने के बाद इन्हें निगरानी के लिए छावला कैंप में रखा गया था। यहां इनकी पहले दिन जांच हुई थी। इसके बाद दूसरी जांच के लिए बीते 11 मार्च को सैंपल लिए गए थे। सुबह से लेकर रात तक इन्हें आइसोलेशन में रहना पड़ता था। बृहस्पतिवार देर रात जब इन सभी लोगों की निगेटिव रिपोर्ट छावला तक पहुंची, तो शुक्रवार सुबह सभी को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद जश्न का माहौल बन गया।
इन 112 में से 36 विदेशी नागरिक हैं जो बांग्लादेश, चीन और म्यांमार के हैं। इससे पहले भी वुहान से 406 लोगों को यहां रखा गया था। रिपोर्ट निगेटिव मिलने के बाद इन्हें घर भेज दिया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन सभी को पिछले महीने चीन के वुहान से लाया गया था।
स्क्रीनिंग के लिए आरएमएल पहुंचीं विदेशी महिलाएं रहीं परेशान
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में दो विदेशी महिलाओं को कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग के लिए दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को अस्पताल में स्क्रीनिंग के लिए लगी लाइन में खड़ीं दोनों महिलाओं ने इसे लेकर अपनी शिकायत भी दर्ज कराई। ऑस्ट्रेलिया निवासी दोनों महिलाओं ने बताया कि उन्हें पिछले दो दिन से परेशानी है।
हल्का बुखार होने के कारण वे कोरोना की जांच के लिए यहां पहुंचीं। करीब दो घंटे से लाइन में लगने के बाद भी उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाई। काफी परेशानियों के बाद उनकी स्क्रीनिंग की गई। उधर, लाइन में लगे कोरोना के संदिग्धों के साथ-साथ अन्य लोग भी जांच करा रहे थे। इनमें कई लोगों ने मास्क भी नहीं पहना हुआ था।