{"_id":"6cdf4483d2c958b5edd493d4b93449cc","slug":"peon-of-a-judge-committed-suicide-hindi-news-bm","type":"story","status":"publish","title_hn":"जज पर गंभीर आरोप लगाकर चपरासी ने की आत्महत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जज पर गंभीर आरोप लगाकर चपरासी ने की आत्महत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 31 Oct 2014 09:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल जिला न्यायालय के जज के चपरासी ने बृहस्पतिवार को आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में जज के प्रताड़ना से तंग आकर जान देने की बात लिखी गई है। एफआईआर और पोस्टमार्टम की कार्रवाई न होने के विरोध में शुक्रवार को परिजनों ने बीके अस्पताल की मोर्चरी के बाहर हंगामा किया।
विज्ञापन
मृतक गौरव उर्फ गोल्डी के रिश्तेदार महेंद्र गठवाल ने बताया कि दो माह पूर्व गौरव का तबादला पलवल में हुआ था। तब से ही वह परेशान था। कई बार उसने घर पर बताया कि उसका ऑफिसर (आरोपी जज) उससे घर का काम करवाते थे।
विज्ञापन
इससे परेशान होकर 30 अक्तूबर को वह गुहार लगाने के लिए पत्नी मीना को लेकर जज के पास गया था। लेकिन वहां उसकी बात सुने बिना उसे वहां से भगा दिया। दोपहर करीब दो बजे वह अपने घर आ गया और मीना बच्चों को स्कूल से लेने के लिए चली गई।
विज्ञापन
इसी दौरान गौरव ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। मीना जब वापस आई तो वह बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ था। गौरव को तुरंत सेक्टर-आठ अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
महेंद्र ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार देर रात 1:30 बजे से शव बीके मार्चरी में पड़ा है। शिकायत भी सिटी थाने में दे दी गई थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे परिजनों में रोष है।
मौके पर आए एसीपी विष्णु दयाल ने परिजनों को बताया कि मामला जज से जुड़ा है। इस कारण कुछ विशेष गाइडलाइंस समझने की जरूरत थी। इसके लिए बल्लभगढ़ से एक टीम सुप्रीमकोर्ट गई थी। गाइडलाइंस मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है।