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पत्रकार जासूसी मामलाः कोर्ट ने कहा, एफआईआर के तथ्य संवेदनशील लेकिन अधूरे
Fri, 25 Sep 2020 05:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 25 Sep 2020 05:23 AM IST
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पटियाला हाउस कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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जासूसी मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा के खिलाफ एफआईआर के तथ्य संवेदनशील तो हैं लेकिन आधे-अधूरे हैं। यह बात अदालत ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए कही। अदालत ने कहा कि प्रेस रिलीज से एफआईआर को मिलाने पर इसकी जानकारी अधूरी लगती है क्योंकि इसमें केस की जांच के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है।
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पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम पवन सिंह राजावत ने यह टिप्पणी मामले में आरोपी राजीव शर्मा तथा सह-आरोपी चीन की महिला क्विंग शी को एफआईआर की प्रति मुहैया करवाते हुए की। कोर्ट ने कहा आरोपियों को अपना बचाव तैयार करने के लिए एफआईआर की कॉपी कानूनन मिलनी चाहिए। हालांकि कोर्ट ने एफआईआर को सार्वजनिक न करने की हिदायत बचाव पक्ष के वकीलों को दी है।
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सीएमएम ने कहा कि पुलिस ने चीन के एजेंटों को संवेदनशील सूचनाएं देने के लिए आरोपी पर एफआईआर में ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (ओएसए) की धाराएं लगाई गई हैं, यह संवेदनशील प्रकृति के तथ्य हैं। वहीं पुलिस की एफआईआर में केस की विस्तृत जानकारी तथा आरोपियों से पूछताछ के बाद सामने आई जानकारी का भी हवाला दिया गया है। इस लिहाज से एफआईआर में दी गई जानकारी बेहद अधूरी है।
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दिल्ली पुलिस ने एफआईआर की कॉपी देने की मांग का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों को कॉपी देने से केस की जांच प्रभावित होगी। दिल्ली पुलिस ने राजीव शर्मा को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद उसे 28 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
पुलिस के अनुसार इस मामले में चीन की महिला क्विंग शी तथा उसके नेपाली सहयोगी को मुखौटा कंपनियों के जरिये मोटी धनराशि का भुगतान राजीव शर्मा को करने के आरोप में किया गया था।